प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

विदेह नूतन अंक
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लालदेव कामत

प्रमाण पत्र जारी होइ लेल/ उच्च शिक्षामे महिला प्रतिनिधित्व घटत / हमर मीठ बैना/ कविवर रामविलास साहु जीक पोथी/ नियति आ पुरूषार्थ : एक समग्र मूल्यांकन


प्रमाण पत्र जारी होइ लेल
आब ग्राम पंचायत, नगर पंचायत केर लोककेँ सरकार भवन आ प्रखंडके दफ्तर मेँ दौड़-धूप सँ अपसियाँत हेबाक परेशानी सँ बाँचैक सुलभ रस्ता वसुधा केन्द्र आ सैबरकैफे पर आसान भ' गेल छैक। इहो जनतब लोकक जागरूकता अभावे बेर - बेर कंकरों सँ पुछारि करय पड़ऐक,केओ बतौनिहार नहि भेटैक। तँ बुझबाक लेल एकहि व्यक्ति सँ आवश्यक कागजात तैयारी लेल बेर - बेर खोज पुछारि कयला सँ सेहो ओ अकक्ष भऽ लुलकारि लैन। तेँ जरूरियात जानकारी रहा चाही। यथा -:
विवाह प्रमाण पत्र
दस्तावेज :- ८.
1. आधार कार्ड (वर-वधू दुनूक)
2. स्कूल प्रमाण पत्र वा जन्म प्रमाण पत्र वा टीसी०
3. राशन कार्ड
4. 2-2 फोटो रंगिल
(वर-वधू 'क अलग-अलग पासपोर्ट साइज केर फोटो)
5. 3 फोटो रंगिल क्वाटर साईज
(2x3 वर्तमान कालके जाहिमे वर-वधू शामिल अछि)
6. दुनूक मुख्य निवास
(वर-वधूमे सँ एक के पहिलुक निवास)
7. विवाह पत्रिका
8. दू गोट गवाह
(वर-वधू सँ दिशसँ एक-एकटा)
9. पहचान पत्र
शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता योजना
25000/- रुपया तक (आईआईटी/डिप्लोमा कोर्स/सरकारी आईटीआई/आईआईएम/एएमएस/बी.टेक/नर्सिंग कोर्स मे प्रवेश हेतु)
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. ई- श्रम कार्ड
2. जाति प्रमाण पत्र
3. स्कूल प्रमाण पत्र
4. मजदूर केर आधार कार्ड
5. छात्रके आधार कार्ड
6. मजदूरके बैंक (अधिकोष) खाता
7. फोटो - 2 (छवि)
8. मोबाइल (चलभाष सँ०) नंबर
विकलांगता पेंशन
1000/- रुपैया केवल पंजीकृत मजदूरके लेल।
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. श्रम कार्ड
2. जाति प्रमाण पत्र
3. विकलांगता(दिव्यांग) प्रमाण पत्र
4. आधार कार्ड
5. बैंक खाता
6. फोटो - फूल तस्वीर - 2.
7. मोबाइल नंबर
परिवार पेंशन योजना
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. मृत्यु प्रमाण पत्र
2. श्रम कार्ड
3. जाति प्रमाण पत्र
4. आधार कार्ड (१२ डिजिट संख्या)
5. बैंक खाता (आई एफ सी कोड सहित)
6. मतदाता आईडी० कार्ड
7. मोबाइल नंबर
प्रयोजन
पति'क मृत्युके बाद 50% पेंशन प्राप्त करबाक लेल |
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. पंजीकरण कार्ड।
2. डिलीवरी पर्ची।
3. बच्चा+माँ+आशा दीदीके फोटो
4. आधार कार्ड
5. बैंक खाता
6. मोबाइल नंबर।
प्रयोजन
गर्भवती महिलाके पौष्टिक भोजन'क लेल 6000/- टाका उपलब्ध कराबयके लेल।
बच्चाके पहिल जन्म पर पंजीकरण फॉर्म भरय पड़त नोट: आशा कार्यकर्ता केर माध्यम सँ सएबइकआ लग आंगनबाड़ी केंद्र पर आवेदन करय पड़त।
प्रधानमंत्री शादी शगुन योजना
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. स्नातक शिक्षण प्रमाण पत्र
2. अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र
3. आधार कार्ड
4. विवाह विवाह प्रमाण पत्र
5. मोबाइल नंबर।
प्रयोजन
मुस्लिम समुदायके स्नातक लड़की केँ आर्थिक सहायता क' रूप मेँ मात्र 51,000/- रुपया भेटत, जे उपहारमे देल जायत।
प्रधानमंत्री निःशुल्क सिलाई मशीन योजना
नोट:- एहि योजनाके अन्तर्गत बहुत गरीब महिला मजदूर, विधवा, विकलांग, परित्यक्त पति, गृहणी आदिकेँ अपन रोजी-रोटीके लेल मुफ्तमे सिलाई मशीन भेटत।
सिलाई मिशील प्राप्त करबाक लेल आवश्यक दस्तावेज : १.1. आधार कार्ड।
2. आय प्रमाण पत्र 12000/- हजार रुपयेकणि।
3. यदि अक्षम अछि, प्रमाणपत्र।
4. यदि विधवा, तखन आश्रित प्रमाणपत्र।
5. फोटो - 2
6. मोबाइल नंबर।
एल.पी.जी. गैस सिलेंडर दुर्घटना बीमा योजना
(क) प्रत्येक गैस कनेक्शन पर 40 लाख सं 50 लाख रुपयाके बीमा राशिके कवर कैल जायत छैक।
(ख) घरक सभ सदस्यक बीमा अछि। दुर्घटनाक स्थितिमे लाभ प्राप्त करबाक लेल।
निम्नलिखित दस्तावेज : १.
1. एफआईआर केर प्रतिलिपि।
2. मृत्यु प्रमाण पत्र।
3. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संग गैस कंपनी के आवेदन देबय पड़त।
पेन कार्ड
-: लिखित कागजात :-
नव पैन कार्ड :-
1. आधार कार्ड (जन्म तिथि पूर्ण होबाक चाही)
2. 2 फोटो
पैन कार्ड सुधार :-
1. आधार कार्ड (जन्म तिथि पूर्ण होबाक चाही)
2. पैन कार्ड
3. 2 फोटो
परिवार लाभ योजना
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. राशन कार्ड आ सूची।
2. मृत्यु प्रमाण पत्र।
3. आश्रित प्रमाण पत्र।
4. आधार कार्ड/मतदाता कार्ड मृतक
आश्रित केर आधार कार्ड 5.
6. आश्रित के निवास + जाति प्रमाण पत्र
7. बैंक खाता + आश्रित के फोटो - 3
8. मोबाइल नंबर।
नोट-: 18 सँ 59 वर्षक उम्रक लेल। परिवारक मुखियाक मृत्युक बाद 20,000/- रुपैयाक आर्थिक सहायता देल जाइत अछि।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण
दस्तावेज :- ८.
1. हलफनामा
2. घर
3. आधार कार्ड
4. पैन कार्ड (या माता-पिता आ स्वयं के हलफनामा)
5. राशन कार्ड
6. पहचान पत्र
7. जन आधार कार्ड
8. आय प्रमाण पत्र (जौं आईटीआर) 1.1.
9.1 फोटो
10. जाति प्रमाण वा मकान पट्टा
प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. आधार कार्ड।
2. बैंक खाता।
3. दवाई पर्चेज आ नामांकन रजिस्टर शीट।
4. मोबाइल नंबर।
प्रयोजन
टी. बी.(यक्ष्मा) एहि योजना क तहत मरीज कए प्रति माह 500/- टका क सहायता राशि भेटत। एकरा लेल स्वास्थ्य केंद्र (डीएमसी) मे पंजीकरण अनिवार्य अछि।
विवाह सहायता अनुदान योजना
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. श्रम कार्ड
2. जाति प्रमाण पत्र
3. वर-वधू के आधार कार्ड
4. वर-वधू के दू-दू टा फोटो
5. विवाहक कार्ड
6. पंचायत सेवक द्वारा विवाह प्रमाण पत्र
7. माता-पिता के आधार कार्ड
प्रयोजन
पंजीकृत मजदूर केर दू बेटीके विवाहके बाद 50,000/- रुपयाके दर सँ विवाह सहायता अनुदानके माध्यम सँ आर्थिक सहायता प्रदान करब।
नकद पुरस्कार योजना
आवश्यक दस्तावेज : १.
1. श्रम कार्ड
2. जाति प्रमाण पत्र
3. आधार कार्ड
4. बैंक खाता
5. बाल शैक्षणिक प्रमाणपत्र आ अंक पत्र
6. बच्चाक बैंक खाता
7. बच्चाक फोटो - 2
8. मजदूर + बच्चाके संयुक्त फोटो - 2
नोट:- एक वर्ष सदस्यता पूरा होने पर।
(क) दशम आ बारहम मे इस्ट। क्लास पास केलाक बाद
80% स बेसी अंक प्राप्त करबा पर 25,000/- क टका देल जाएत।
70% स बेसी अंक प्राप्त करय लेल 15,000/- रुपया
60% अंक स ऊपर अंक प्राप्त करय लेल 10,000/- रुपया
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
मुफ्त गैस कनेक्शन के लिये दस्तावेज : १.
1. महिलाक राशन कार्ड
2. महिलाके आधार कार्ड
3. पति के आधार कार्ड
4. 18 साल सँ ऊपरके लोकके आधार कार्ड
5. महिला के 3 फोटो
6. महिलाक बैंक खाता
7. मोबाइल नंबर
-: प्रयोजन :-
बी.पी.एल.परिवारके मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान करब।
सड़क दुर्घटना सहायता योजना
दुर्घटना मे मृत्यु भेल व्यक्ति कें आश्रित कें सहायता कें अनुदान प्राप्त करय कें लेल आवश्यक दस्तावेज:
1. एफआईआर के प्रतिलिपि।
2. मेडिकल रिपोर्ट।
3. पोस्टमार्टम रिपोर्ट।
4. अनुमंडल अधिकारी के प्रतिवेदन।
अनुदान-सहायता रु 4,00,000/- चार लाख रुपैया
आपदा अनुग्रह आकस्मिक मृत्यु अनुदान योजना
आपदाके प्रकार :- 1. मानवके कारण सामूहिक दुर्घटना
2. गरजब, 3. गर्मीक लहर, 4. असमय वर्षा
5. बेसी बरखा, 6. नाव दुर्घटना
आवेदन मे आवश्यक दस्तावेज : १.
अनुदान-सहायता राशि 5,00,000/- पांच लाख रुपया
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना-:
नोट - सीमांत किसानक केँ जिनका 2 हेक्टेयर या कम सँ कम 10 दशमलव भूमि धरि केँ कृषि भूमि होनाय आवश्यक छै, ओकरा प्रति वर्ष 6000/- रुपया सीधा ओकर बैंक खातामे भेटतय, २००० टाका बढ़ोतरी होयबला छै।
अनुदान प्राप्त करयके लेल आवश्यक दस्तावेज : 1.1.

1. आधार कार्ड।

2. बैंक खाता।

3. जमीनक प्राप्ति।

4. मोबाइल नंबर।

5. ऑनलाइन किसान पंजीकरण करब आवश्यक अछि।
विकलांग पेंशन योजना

आवेदन पत्रमे शामिल कैल जेनाय वाला दस्तावेज:

1. आधार कार्ड

2. निवास प्रमाण पत्र

3. दिव्यांग व्यक्तिके सम्पूर्ण फोटो - 3

40% सँ ऊपर विकलांगता प्रमाण पत्र

5. बैंक खाता

6. मोबाइल नंबर
विधवा पेंशन योजना

आवेदन पत्रमे शामिल कैल जेनाय वाला दस्तावेज:

1. आधार कार्ड

2. बैंक खाता

3. मृत्यु प्रमाण पत्र

4. निवास प्रमाण पत्र

5. मोबाइल नंबर

6. बी.पी.एल.कार्ड/ आय प्रमाणपत्र रु.60,000/-

-: नोट :- उम्र सीमा 60 साल सं बेसि होबाक चाही.
वृद्धावस्था पेंशन योजना

आवेदन पत्र मे शामिल कैल जेनाय वाला दस्तावेज:

1. आधार कार्ड

2. पहचान पत्र

3. बैंक खाता

4. मोबाइल नंबर

5. बैंक सत्यापन

6. पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ 2

-: नोट :- उम्र सीमा 60 साल सँ बेसि होबाक चाही.
ए.टी.एम. दुर्घटना बीमा योजना

आवश्यक दस्तावेज : १.

1. एफआईआर केर प्रतिलिपि।

2. अस्पतालक रिपोर्ट।

3. पुलिस पंचनामा।

4. ड्राइविंग लाइसेंस

5. एक महीनाके लेल खाता अपडेट करूं आ खाता स्टेटमेंटके फोटोकॉपी.

6. एक महीना के भीतर एटीएमके उपयोग जरूरी अछि।
नया राशन कार्ड

नव आवेदन पत्रके साथ संलग्न कैल जेनाय वाला दस्तावेज:

1. पारिवारिक फोटो - 3

2. आवेदन पत्र, 1999।

3. सब लोकके लेल आधार कार्ड

4. महिलाके बैंक पासबुक

5. महिलाके हलफनामा

6. महिलाके निवास प्रमाण पत्र

7. मोबाइल नंबर

राशन कार्डमे नाम जोड़बाक लेल : फॉर्म 'बी'।

1. आधार कार्ड, 2019।

2. राशन कार्ड

3. यदि अहांके पास निवास प्रमाणपत्र छै त ओकरा संलग्न करूं/अगर नहि त छोड़ूं.

राशन कार्ड सँ नाम हटाबय लेल : फॉर्म 'बी'।

1. राशन कार्ड

2. आधार कार्ड
प्रधानमन्त्री श्रमयोगी माँधन पेंशन योजना

आवेदन पत्रके साथ संलग्न कैल जेनाय वाला दस्तावेज: 1.1.

1. श्रम कार्डके फोटोकॉपी।

2. आधार कार्ड

3. नामांकित व्यक्तिके आधार कार्ड

4. बैंक खाता

5. फोटो - 3

-: नोट :-

इ पेंशन योजना 18 साल सं 40 साल कें उम्र समूह कें लेल छै. 60 साल पूरा भेला पर सालाना 36000/- टका पेंशन भेटत। जनजागृति लेल सर्व सुलभ पाठक वर्ग पढ़ा अनको बताबथि,से आग्रह रहत।


उच्च शिक्षामे महिला प्रतिनिधित्व घटत
हालहिमे मैथिली 'क वरेण्य साहित्यकार श्री नन्दविलास रायजी मोबाइल पर वार्ता करैत किछ चिन्तित देखेलाह। प्रसंगवश हुनक कहब भेलनि जे ४५% वर्गमे अनिवार्य उपस्थिति नहिं रहला पर नाम काटल जेतैक आ परीक्षा फार्म नहि भरय देल जेतैक। ऐ संबंधि शिक्षा विभागक चिठ्ठी सँ परेशानी बढ़लैक अछि। ग्रामीण क्षेत्रक ग़रीब वर्गक बेटी नियमित रूपेँ घर सँ कालेज धरि जायब- आरंभ करयमे गाड़ी- टेम्पूके किराया भुगतान करय सँ असमर्थ छैक। चिन्ता तँ हुनक निठाहे साँचक निकट छन्हि। मुदा मैट्रिक पास बालिका केँ १० हजार टाका आ इन्टर पास छात्राके २५ हजार टाका एवम् ग्रेजुएशन पास भेलासन्ता ५० हजार नगद राशि प्रोत्साहन लेल बिहार सरकार एक मुश्त बैंक द्वारा दैत छथिन ,से तँ आगुक पढ़ाई-लिखाई जारी रखबाक लेल ने। वालिका शिक्षा दर विगत एक दशकमे बालकके बन्सब्त खूब बेसी बढ़लैक अछि। देखल जाए तँ शिक्षक नियुक्तिमे सेहो पुरुष ४९% तँ स्त्री ५१% आंकड़ा शिक्षाक प्रति बढ़ैत दर केँ प्रदर्शित करैछ। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय - दरिभंगा केर कुलपति महोदय सब अंगीभूत कालेजमे जनजागृति करय लेल प्रधानाचार्य सभकेँ अनुदेश देने छथि। इयह कारण थीक जे गतदिन ललित नारायण कालेज झंझारपुर केर प्रो० नारायण झा जी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारीक बैसार करैत विद्यार्थीगणके अभिभावक सँ आग्रह करैत जागरूकता कयलनि। से दोसरो कालेजमे एही तरहेँ आयोजन भेलैक अछि। देखल जाइत अछि नगर,शहर आ कस्वा केर महिला विद्यार्थी देहात क्षेत्रक महिला विद्यार्थी सभक अपेक्षा वेसी शिक्षण संस्थानमे अध्ययन लेल पहुँचैत छथि। देहाती दुर्गम क्षेत्रक छात्राकेँ यातायात सुविधाक अभाव आ स्वंय साइकिल - वाईक आदि चलाके नहि समय सँ महाविद्यालय केर वर्गमे पहुंचला पर हाजरी बही सँ नाम काटल जा रहलैक अछि। एहनमे ई परिकल्पना सतत् आबय बाला समयमे पछुएबाक संदेश छी। नारी सशक्तिकरणके दौड़मे बढ़ैत सब तरहेँ सब विभाग आ विधामे जे बढत केर गति छैक से कमतर होयबाक अंदेशा निर्मूलन नहि अछि। ओना तँ आंकड़ा कहैत छैक जे स्त्री शिक्षामे बढ़ उछाल हालक वर्षमे आयल अछि, यथा - बिहार क' १०९२ कालेजमे औसतन २०८८ विद्यार्थी नामांकित छैक। नामांकन के ई औसत राष्ट्रीय स्तर पर मात्रे ७०९ छैक। राज्यमे प्रति कालेज विद्यार्थी केर बढ़ैत संख्याँ सँ बुझाइछ जे राज्यमे कालेजके संख्याँ बढ़ कम भ' गेल छैक। से ऐ केँ बढ़ेबाक आवश्यकता छैक। पहिले ६०टा कालेज छलैक जे २०२१-२२ मेँ घटिके मात्रे ७ गोट रहलैक अछि। साकारात्मक बात ई भेलैक जे उच्च शिक्षा पाबै ले युवावर्गमे अधिक उत्साह छैक। जेण्डरवाईज नामांकन मेँ बिहार देशमे सातम स्थान पर छै। ए आई एस एच ई. के प्रतिवेदन अनुसारे बिहार क' शैक्षणिक सत्र २०२१-२२मेँ राज्यमे कुल १४.४७ लाख छात्र आ ११.७५ लाख छात्राक नामांकन भेल अछि। एहि तरहेँ १८ सँ २३ साल आयुवर्गके २६ लाख सँ वेशी छात्र नामांकन करेने अछि। भारतदेशमे सबसँ अधिक बिहारमे प्रति कालेज औसतन २०८८ विद्यार्थी केर भेलैक नामांकन। आब के०के० पाठक जीके करकरौला सँ अनिवार्य उपस्थिति ४५ प्रतिशत नहिं पुरलापर नाओं काटल जेतैक। निवंधन आ परीक्षामे उत्प्रेशीत हेबाक अवसर भेटबाक कोनू बातें नहिँ। तेँ परीक्षामे महिला विद्यार्थी क' छीजन होयब स्पष्ट झलैक रहल अछि। ई देखल जाईछ प्राथमिक कक्षाक'आ मध्य विद्यालय तथा उच्च विद्यालयमे छात्र -छात्राक छिजन नहिँ होईछ। उच्च माध्यमिक शिक्षा मेँ सेहो बालिका शिक्षाक सतत् सक्रिय भागीदारी होईछ। मुदा आगूक शिक्षण प्राप्तिमे त्रूटइ होमय लगैत छैक। आब देखल जाए २०२४-२५ बिहारक वजट आकार २७८७२५.७२ टाकाके वित्त मंत्री सम्राट चौधरी (उप मुख्यमंत्री) गत दिन जे पेश कयलनि,ताहि मेँ सबसँ अधिक राशि ५२.६ करोड़ टाका शिक्षा मद्दमे छैक। बिहार 'क बजट २०२३-२४ में नीतीश कुमार जीक एनडीए सरकार बम्फर भर्ती'क ऐलान करैत लोक सेवा परीक्षा क' तैयारी कय रहल महिला अभ्यर्थी कें तोहफा देलनि। रोज़गार आ महिला सशक्तिकरण पर राज्य सरकार विशेष ध्यान देलथि। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी बिहार विधान मंडलके वेट सत्रक दोसर दिन मंगलवार के जे बात पेश केलनि विभागक वेतन-भत्ता लेल ६३९७करोड़ टाका आवंटन केलनि। जहनकि कुल राजस्व प्राप्ति २१२३२७ करोड़ टाका हेबाक अनुमान छैक। राज्य २६ प्रतिशत स्वयं संसाधन सँ आ ७४ प्रतिशत अर्थात् १५६११५ करोड़ टाका केन्द्रीय कर आ अनुदान सँ प्राप्ति करत। जे बात कहैत उठौने रही , स्त्री शिक्षा एहू कारणेँ कमजोर पड़ते छैक जे बेटीक माय पढाय प्रोत्साहन टाका सँ बेटी वियाह सँ पूर्व गहना सोना चानिक कीन- बेसाहि दैत छथि। इयह कारण एकटा ई जे बीचेमे पढाय छोड़ा गहन- जेबर सहित छात्रा अपन बोआय फ्रेंड संग वियाहक उद्देश्य सँ अनचोकेमे परा जाईछ। दहेज रूपी कोढ़ सँ फिरीसान किछ बेटाक माय सेहो अपने बेटीके गार्जन सँ नुकाकेँ प्रेमी संग सांठि दैत, जाहि किरणें पढाय - लिखाएमे छीजन होयब स्पष्ट अछि।


हमर मीठ बैना


कवियत्री श्रीमती नूतन झा अपन छिरियाएल मैथिली काव्य केँ समेट एक पोथीक आकार दैत साहित्य केर पाठकके बीच अनलीह अछि। मैथिली भाषा मेँ हिनक ६६ गोट कविताक संग्रह ' हमर मीठ बैना ' नामक पहिल कविता नामे १२८ पृष्टक पहिल पोथी २०२२ ई० मेँ पल्लवी प्रकाशन निर्मली सँ छपौलनि अछि। एहिक दाम भालू १५१ टाका निर्धारित कयल गेल छैक। ओना तँ नूतन झा आब झारखंडके जमशेदपुरमे रहैत छथिन, मुदा ओ मुलवासी मधुबनी जिला अन्तर्गत मधेपुर प्रखंडक रहुआ-संग्राम केर प्रो० अशोक कुमार झा"अविचल" केँ धर्मपत्नी आ प्रसाद निबासी घनश्याम झाजीक बेटी थिकीह। हिनक जन्म ५ फरबरी १९७६ म भेल छन्हि। ई मैथिली प्रतिष्ठामे स्वर्ण पदकधारी रहैत एमबीए (जेएस ओयू) कयने छथि। हिनक आकाशवाणी जमशेदपुर सँ मैथिली गीत, कविता आदिक प्रसारण भेल छन्हि। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के साहित्य अकादमी नवदिल्ली सँ आयोजित कार्यक्रममे काव्यपाठ बराहल गेल य। संगहि इहो जनतब दी जे कचोट, झारखण्ड 'क सनेस, संस्कृति, इस्पात भारती, मैथिल प्रवाहिका आदिमे स्तंभ लेखन आओर गीत, कविता,कथा आदि प्रकाशित भेल छैन जे किछु पाठककेँ अवश्य अभरल होयत।
कहैत छलौंह हमर मीठ बैना " मुक्तक संग्रह" ल' कें नूतनजी नव कवियत्री लोकनिक बीच बेशक चर्चित भेलीह अछि। हिनक वोधगम्य भाव शिल्प सँ भरल शव्द आ विषयके चुनाव अद्भुत छैन। मैथिली साहित्य आ मैथिली भाषा दूनू दू चीज छी। मैथिली साहित्य आन्दोलन सँ जुरल बहुतों जन खिन्न भ' उठैत छथि,से मैथिली भाषा ओना कहैत रहलीह; जकर पढनिहार आ बजनिहारक संख्या घटैत अछि। कहय लेल मैथिल आ धियापुता सँ मैथिलीमे गप्पे नहि करता। तँ महिला सँ बेसी पुरूष अपना बच्चाकेँ टाटा- वाए बाईं सिखेबाक जुगतमे रहैत अछि। से समाज शास्त्रीय अध्ययन के एक पक्ष हिनक रचनामे आयल अछि। पुर्ण आत्मिक साधिकाक रूपेँ श्रधा पूर्वक हिनक अर्पण जे मातृभाषा मैथिली प्रति भेलनि से एक विशेष अनुरागक अनुभुति कराबैछ। तेँ पाठकगण सस्वर कोनू कविताक परायण करब तँ नूतन जीक हृदय सँ निकलल निशन्न मायक बेथा अकानि सकब। हमर मीठ बयना ' शिर्षक ' मेँ समादृत पाँतिक गरहैन परेखल जाए -:
.........अहूँ तँ बुझे छी तखन ने बजै छी
ई कोकिलके आशे किए नै पुरे छी
जे बितलै ओ छोड़ियौ आबहु नाता जोड़ियों
हे बहुते बिछड़लहुँ आबहु अंक धरियौ ।।
'मिथिला वर्णन गीत' मेँ पांति आयल अछि -:
.... शंकर के धाम कुशेश्वर भेंटला शिव गेलौं सिंहेश्वर
भारती मंडन के डीह घुमै छी मिथिला 'मे रहे छी...
मिठगर नैहरके भाषा सासुर'के भास सुहासा
देसिल वयना'मे लोरी गबै छी मिथिला 'मे रहे छी......
सलहेह लोरिक छथि हमरे वाचस्पति उदयन एम्हरे
दीना भदरी'के कथा सुनें छी मिथिला 'मे रहे छी ....
फटकी सँ बाबा एलखिन जा क‌ऽ कमला'मे नेहेलखिन
हुनके संग जनक 'के नगर देखै छी मिथिला'मे रहे छी!!
अपन मैथिली भाषा साहित्य लेल अगाध दिग्दर्शन कराबैत ; घर-घरमे जे मैथिली कुहैर रहलीह आ ई कहियो मरि जेतीह,तकर निशांस छोड़ैत " पहिने अप्पन भास बचबियौ" शिर्षकमे पाँति देलीह अछि -:
मंच चढ़िते मैथिली आस्था
घरमे हिन्दी'क बात
एम्हर अबियौ जखन कहलियनि
हँसि हँसि भगलथि दाइ
झट द' अपन पिता सँ कहलथि
सुनिये मम्मी की बोली
फिर ठेंठी का भुत सवार है
कैसे समझूँ इसकी बोली
आब अहीं सब हमरा कहियो
की दोषी छथि माय
बापे जखन सिखाबै छथि हे
ओके टाटा बाय
कतबो करबै किछु नै हेतै
साहित्यक लेल काज
पहिने अप्पन भास बचबियौ
बजैत करू नहिं लाज!
एकटा दोसर कविता ' परान हमर मैथिली ' कवियत्री गबैत छथीन आ विमर्श केर विषय दैत चेतौनी सेहो देलीह हन। यथा,
मिथिला भूमिक वयना मान हमर मैथिली
गुनबै तँ बुझबै परान हमर मैथिली!
गणना सहस्त्रे यथार्थ कोठीमे मुनै छी
संवादक गप्प जतए परभाषा चुनै छी
अपने घरमे भेली आन हमर मैथिली! ......,..
मिथिला वासी सँ अपील करैत अपन एक रचनामे नुतन झा उत्परेरीत करैत छथिन -:
हमर भास कुसियार जकाँ छै
पोरे - पोरे र'स भरल
मुँह ठोरकेँ मीठ करै छै
कण्ठ सँ जखने स्वर फूटल
नहिं बजबै तँ कोना कऽ सिखबै
कोइ्ली सन स्वर तान है.....
ऐ तरहेँ खूब नीक आ उपरा- उपरी कविता सँ मैथिली 'क अक्षय भंडार केँ आरो भरलीह अछि -:
कहियो सँ नहि छलथि मैथिली
पण्डित आ पुरहितके भाषा
तखन कहू कोना पुरबथि पण्डित
देसिल वयना'के अभिलाषा
लोकसाहित्यक भास मैथिली
अदौ सँ लोकाचार बचेली
शिष्ट साहित्य सँ दुर छलै जे
ओकरा बात विचार सिखेली .........
ई पोथी संग्रहण लायक अछि। अवश्य बेसाहि पढ़ा आ मनन करी। हम कवियत्री श्रीमती नूतन जीक शव्द शैली 'क कायल रहि मंगल कामना करैत छीयैन।


कविवर रामविलास साहु जीक पोथी
मैथिली भाषा मेँ रथक चक्का उलैट चलए बाट (२०१३), कोसीक कछेर (२०१७), गामक सुख (२०१८), मनक मैल (२०१८) पद्य संग्रह, नेत्रदान (२०२२) खण्डकाव्य आ कथा विधामे अंकुर (२०१६), दुधबेचनी (२०१८), आ अंशुमान प्रकाशित भेल छन्हि। सद्यप्रकाशित कृति हिन्दीमे खुला आसमां धरती की गोद में (२०२३) कविता संग्रह पर चर्चा करय सँ पहिले कविहृदय राम बिलास जीक विषयमे जानि ली। लेखक श्री साहुजीक जन्म १ जनवरी १९५७ केँ स्व० नशीब लाल साहु आ कैली देवीक घर भेल रहनि। हिनक दादा स्व० चुल्हाई साहु आ दादी स्व० दुखनी देवी धर्मपरायण यशस्वी लोकमे जानल जाए छलनि। निर्मली कालेज सँ स्नातक धरि पढ़ल लिखल रामबिलास बाबूक पत्नी रहथिन स्व० मंजूला देवी। हिनक १४ वर्षधरि सेवा अपन खोलल ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल निर्मली केँ भेटलनि,जतय सँ अनेकों मेधावी विद्यार्थियों इंजीनियर आ डाक्टर बनलैक। साहित्य लेखन २००८ई० सँ करैत आबि रहलाह अछि। ई नरेंद्र सम्मान आ लेखकीय सम्मान तथा सृजनरत्न सम्मान पाबि चुकल छथि। हिनक प्रकाश्य कृति- आगिये आगि (कविता संग्रह) एहि शाल बहराएत से आश जगैत अछि। उमेरक हिसाबे आब कम लिखय लगलाह अछि, मुदा मातृभाषा सँ राजभाषा दिश जे उनमुनेलाह ताहूक परिश्रम हम बूझि सकैत छी।


पल्लवी प्रकाशन निर्मली सँ आई एस बी एन प्राप्त 'खुला आसमां धरती की गोद में ' मेँ ८७ गोट कविता छैक जे ११५ पृष्ठ क' पोथीक आकार दैत , किमत २०० टाका रखलाह आ पर्यावरणीय आवरण आकर्षक तँ देखिये रहल छी। बहुमुखी प्रतिभा क' परिचय दैत जगतमे जे समस्या देखमे अबैत,ताहिक निदान कोना हुअय से कविता माध्यमे अहाँ पाठक बीच कविजी रखलाह हन।
भारत कृषि प्रधान देश मे किसान एहन मेहनतकश इंसान छै,जेकर परिश्रम केर उचित आकलन कय मेहनताना आईधरि नहि भेटलैक अछि। आ ओकर द्रद बढ़ले रहतऐक,जाधरि कृषिकेँ उद्योग केर दर्जा नहि भेटतनि।
अपना रचनामे कहैत छथिन -:
"खुला आसमां धरती की गोद में
चैंन की नींद कभी सोया नहीं
करता रहा दिन - रात खेतों में काम
भर पेट अन्न कभी खाया नहीं।"
एहि तरहेँ विमर्श के लेल अपन आशुता शैलीमे गुमान, चुप्पी, सच्चा पुत्र, जागो मुसाफिर, ज्ञानदीप-१, मन का मैला, अन्धी सरकार, वतन की सेवा आदि शिर्षक मेँ रोचकता आ ओज पूर्वक काव्यके गहैत एहन नाह बनेला जे भव सागर बीच डुबत नहिं। तेँ पाठकगण सस्वर पढि आनन्द ली आ समाजक बीच प्रगतिवादी पथ पर अग्रसर होय,से सुमार्ग देखबामे कविजी समर्थ भेलाह अछि। आग्रह करनाई तँ बनैत य , जे मैथिली दिस सतत् सक्रिय होय!


नियति आ पुरूषार्थ : एक समग्र मूल्यांकन


कथा गढ़ैनक रहस्य मादे जगदीश प्रसाद मंडल जीक पोथी नियति आ पुरूषार्थ पढलौंह अछि। श्री मंडल जीक सभटा कथा निठाहे पकठोस रहैत छन्हि। ई एकटा माजल कथाकार छथि। नियति आ पुरूषार्थ नामक ऐ १०२ पृष्टक मैथिली साहित्यिक पोथीमे दसगोट बालकथा संग्रहीत कयल गेल छैक। ओना तँ हिनक अनेकों कथा संग्रह प्रकाशित भेल अछि। हिनका कथा रचना केँ समयकाल अनुसारे दू भागमे बाँटिकय अध्ययन आ मुल्यांकन शोधार्थी कर सकैत छथि। पाठककेँ सुलभ हैत जे पुरस्कृत ' पंगू' उपन्यासके पहिले समयके कथा रचना भेल एक भाग आ दोसर भाग भेल "पंगू" प्रकाशनके वादक रचना। संभवतः वादक जे कथा रचना अछि तकर संख्या ३८० गोट छैक,जे १८ जून २०१८ सँ ३१ अक्टूबर २०२३ केर मध्य विभिन्न तिथिमे रचल गेल छैन। प्रस्तुत कथा संग्रह " बाल कथा" उल्लेखित कयल गेल छैक,जय पाठ्यक्रम अनुसारे पढ़ल जाए तँ एक औपन्यासीक सुआद भेटत। ओना ओना जाएब बीछ-बिछकय आगू पाछू शिर्षक पढलआ पर। कारण आरंभ सँ अन्तधरि मुन्नीलाल आओर धुन्नीराम पात्र सब कथामे चलन्त बुझाइछ। एक उपन्यास केँ कथा दर कथा रपेँ खंडित कय एकहि तरहक नायक पात्रकेँ उपस्थिति देखाओल गेलैक हन्। एक पाठके एक पराव मानिके पढ़ला'क वाद जिज्ञासा पनपैत छै जे अगिला बातक खिस्सा दोसर परावमे पढ़ी। आ से दोसर पाठमे पढ़ैत; तेसर पाठ पढबाक उत्कंठा होईछ। मंडलजी ई एकटा अभिनव प्रयोग केलनि य। पल्लवी प्रकाशन 'क प्रमुख डॉ ० उमेश मंडल जाहि मिथिलाक्षर आ मिथिला पेंटिंग सँ चिरौरी करैत स्वजन बीच चर्चित रहथि से अपन लोभ सवरण नहि कऽ आवरण पृष्ठ मिथिला चित्रकारी सँ सुसज्जित करैत देखेलाह अछि। आ ऐ बीच बहुतों पोथीक कभर पाठकके आकर्षित केलक अछि। सुख दुःख कथा आ दुख सुख कथामे मुन्नीलाल धुनीलाल नामक ९म् कक्षाक विद्यार्थी किशोर वय वर्गके एके गामक रहैछ। हायस्कूलक शिक्षक गोपाल बाबू सँ विशेष परिचय करैत १५ दिन पर भेंट करय डेरा पर अबैत छैक। गोपाल बाबू सहृदयता सँ अतिरिक्त समय आने छात्रके लेल अपना आवास पर सदैत दैत छथिन। ई दूनू छात्र एक सालक जेठाई छोटाइ छैक। मुन्नी लाल अस्थिर सोभावे गुरूदेव कें प्रणाम निवेदित करैत अपन शंकाक समाधान लेल प्रश्न करैत पुछैथ छै- सुख की- दुःख की? आ धरफराईते धुनीलाल सेहो अपन सबालक निदान हेतु पुइछ बैसैत छै- गुरु देव , प्रकृतिक त्रिगुणात्मक शक्ति की छियै ? उत्तर दैत शिक्षक गोपाल बाबू कहलकनि -" ओहिना अछि जहिना जीवन- मृत्यु अछि। " पुरुषार्थ पाठमे गुरूजी लग मुनीलाल- धुनीलाल बैसकय गोपाल बाबू सँ विज्ञान शिक्षक बिमल बाबूक चलि रहल वार्तालाप सुनैत छै। सालक अन्तिम लगने नेंगरा - लूल्हा सब उठि जाएत,ततेक ने फटकाक फूटब सँ अनघोल आ डीजे ओ सबारी गाड़ी चलनाई सँ वातावरण अन्हारमे बदलल सन छै। द्वापर जूगक महाभारतके रणभूमि क' पात्र सँ ल' केँ रामायणकालीन आ कवीर साहेबक पांति धरिक गप्प - सप्प चलैत छैक। गोपाल बाबू'क जीवटपनकेँ पुरूषार्थ कहैत छथिन। तँ कि कोनू सत्रीमे हुनका विशेष गुण सँ निष्णात पारंगत रहने कोनो उपयुक्त शव्द नहि भेटने ,ओहूक लेल " पुरूष" चलैनमे छैक। तेँ पुरूषे सँ पुरूषार्थ बनल कोना मानल जायत ! मुनीलाल-वाजश्रवा जेकां कठोपनिषद क' आत्माक रहस्य जानबाक सदृश्य सोल्होआना मगन रहैत अगिला दिन नव व्याख्यान सुनैक अभिलाषा रखैत अछि। बाल मनोविज्ञान १४ साल सँ नीचा उमेरक धियापुता मेँ आ किशोर सँ नवजुवा दिन बढ़ैत उमैरमे बहुत फरक रखैत छैक। तेँ कहब ई जगदीश बाबूक बाल कथा नहि मानव जाएत।

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