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विदेह — प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका
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विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

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प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका — First Maithili Fortnightly eJournal

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प्रणव कुमार झा

एआई युग मे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग - कोडिंग से सिस्टम थिंकिंग तक

 

मिथिलाक माटि मे मेधाक कहियो कमी नै रहल अछि। तर्क आ दर्शन जतय सदिखन विद्यमान रहल अछि, ओहि धरतीक युवा आइ दुनियाक पैघ-पैघ आईटी (IT) कंपनी मे अपन लोहा मनवा रहल छथि, आ छोट, मीडियम, उच्च हर तरहक प्रोफाइल पर कार्यरत छैथ।21म सदी के शुरुआती से जे ऐ सेक्टर मे विद्यार्थी आ गार्जियन के रुझान रहल तेकरे ई परिणाम छल।  मुदा, समयक पहिया अनवरत घुमैत रहय अछि। आइ अपने सभ ओहि युग मे छी जतय सॉफ्टवेयर स्वयं सॉफ्टवेयर लिखय लागल अछि। जाहि "कोडिंग" केँ एक समय 'सुपर स्किल' मानल जाय छल, ओकरा एआई (AI) चुटकी मे कऽ रहल अछि। एहन मे प्रश्न उठैत अछि - की अबै वाला समय मे सॉफ्टवेयर इंजीनियरक आवश्यकता खतम भऽ जाएत? की हमर डिग्री बेकार भऽ जाएत? की आब ऐ क्षेत्र मे स्कोप नै बचत? कदाचित उत्तर अछि - नै, मुदा काज करबाक तरीका अवश्य बदलि जाएत।​

आन आन फील्ड के संगहि सॉफ्टवेयर डेल्वलपमेंट आ आईटी सर्विसेस के क्षेत्र मे सेहो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कऽ बढ़इत प्रभाव के कारण ऐ फील्ड के छात्र, नव स्नातक आ मध्यम-कैरियरक पेशेवर सभक बीच उत्साहक मेघ आ चिंताक करिया बादल दुनु संगे संग उत्पन्न भेल अछि। कोडिंग, जे ढांचागत तर्क (Structured Logic) आ दोहराओल जा सकय वाला पैटर्न पर आधारित होइत अछि, एआई ट्रेनिंग लेल विशेष रूप सँ उपयुक्त सिद्ध भेल अछि। जेना-जेना एआई मॉडल कोड जेनेरेट करबा, टेस्ट करबा आ डीबग (Debug) करबा मे बेसी सक्षम भऽ रहल अछि, ऐ फील्ड से जुडल अथवा ऐ फील्ड मे करियर बनेबाक सोचय बला कतेको लोकक मोन मे एकटा सीधा प्रश्न आबि रहल अछि जे प्रासंगिक बनल रहबाक लेल एकटा सॉफ्टवेयर पेशेवर केँ आब असल मे की सीखय पड़त? जे हाई स्किल्ड प्रोफेशनल छैथ वा बहुत निक कॉलेज आ यूनिवेर्सिटी मे पढ़ाई कऽ छैथ ओ सब ऐ प्रश्न के उत्तर संग बेहतर भविष्य के लेल तैयार छैथ, मुदा मध्यम-स्तरीय कॉलेज मे पढ़य बला वा ऐ फील्ड मे एंट्री वा मध्यम लेवेल पर काज करय बला प्रोफेशनल सभ के वा हुनकर हितैषी/गार्जियन सभ के ई प्रश्न अक्सर परेशान कऽ रहल छैन। ताहि लेल अपना सामान्य अनुभव के आधार पर हम ऐ लेख के माध्यम से एकर उत्तर खोजबाक प्रयास कऽ रहल छी।

​ऐ मामला मे हमर तर्क अछि जे ऐ चिंता आ विमर्श के उत्तर मशीन कऽ गति सँ मुकाबला करब नै अछि, आ नै प्रोग्रामिंग कऽ बुनियादी सिद्धांत (Fundamentals) केँ छोड़ब अछि। एकर बदला मे अपन सोच केँ ऊँच करब आ पढ़ाई/प्रशिक्षण आ काज करय के तरीका मे परिवर्तन करबाक आवश्यकता अछि। आन मशिने जेका एआई सेहो एकटा मशीन अछि आ ताहि दुआरे आने आन मशीन जेका एकरो अपन कंपीटीटर नै अपितु अपन सहायक बनेबाक प्रैक्टिस करबाक अछि।

एकटा साधारण उदाहरण से बात के आर बेसी खुलासा से बुझबाक प्रयास करय छी। एलेक्ट्रोनिक केलकुलेटर के प्रयोग करीब सात दशक से भऽ रहल अछि। मुदा आइयो स्कूल मे बच्चा सभ के अरिथमेटिक आ अलजेबरिक केलकुलेशन वैह सिद्दत से सिखाओल जाइत छैक जेना पहिने। ऐ केलकुलेटर के प्रयोग रियल-लाइफ प्रोब्लेम सोलविंग मे वैह बेहतर कऽ रहल अछि जे या त कैलकुलेशन के सभटा सिद्धान्त के बेहतर तरीका से सिखलक अछि अथवा जे केलकुलेटर के बेहतर उपयोग के प्रेक्टिस केलक या दुनु। एकटा आन उदाहरण अछि जे पहिने अकाउंटेंट हाथ सँ बही-खाता लिखैत छलाह। जखन एक्सेल (Excel) अयलै तँ लोक केँ लागल जे आब अकाउंटेंट कऽ काज खतम भऽ जाएत। मुदा भेल एकर उलटा। एक्सेल कऽ कारण अकाउंटेंट सभ बेसी जटिल गणना आ वित्तीय योजना बनाबय मे सक्षम भेलाह। परिणाम बैंकिंग आ वित्तीय क्षेत्र मे ग्राहक के बेहतर सेवा आ सुविधा प्राप्त भेल।

एआई सॉफ्टवेयर लाइफ साइकिल केँ फेर सँ परिभाषित कऽ रहल अछि। डिजाइन, आर्किटेक्चर, डिप्लॉयमेंट, सपोर्ट आ निरंतर सुधार मनुष्यक हाथ मे अछि। एआई अहाँक काज केँ फेर सँ परिभाषित कऽ रहल अछि एकटा सॉफ्टवेयर डेवलपर कऽ रूप मे अहाँ की करब?

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मे एआई के बढ़इत प्रयोग से उत्पादकता मे वृद्धि वास्तविक अछि आ एकर प्रभाव सेहो पैघ अछि। हमर अपन अनुभव मे, डेवलपर्स एकर समुचित प्रयोग से दैनिक कोडिंग काज मे क्षमता (Throughput) me कम सँ कम 30 प्रतिशत कऽ उछाल देखि सकैत छथि। संक्षेप मे कहि त सॉफ्टवेयर बहुत तेजी सँ बनाओल जा सकैत अछि, टेस्ट केस बेसी तेजी सँ जेनरेट कैल जा सकैत अछि, आ इटरेशन साइकिल (Iteration Cycles) छोट भऽ गेल अछि। एकर अर्थ अछि जे टीम आब बेसी स्वतंत्र रूप सँ प्रयोग कऽ सकैत अछि कियैक तँ विफल हेबा मे आ फेर सँ प्रयास करबा मे आब समयक लागत ओतेक नै रहि गेल अछि।

​गहीर बदलाव इंजीनियरक सोच मे अछि। लाइन-दर-लाइन कोड लिखबा मे अपन समय बितयबाक बदला मे अहाँ केँ सिस्टम कऽ बारे मे बेसी गहराई से सोचय पड़त। हम एहि सिस्टम केँ कोना डिजाइन कऽ रहल छी? हम की समाधान प्राप्त करय चाहैत छी?  एक बेर जखन स्पष्टता आबि जाइत अछि, तँ स्ट्रक्चर्ड प्रॉम्प्ट्स (Structured Prompts) एआई टूल्स केँ बेसी सँ बेसी कोड जेनेरेट करबा लेल निर्देशित कऽ सकैत अछि। छात्र सभ लेल संदेश ई अछि जे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज केँ नै छोड़ू, भले ही एआई ओहि कोडक पैघ हिस्सा लिखि सकय अछि, मुदा ओकर बुनियादी स्ट्रक्चर, लॉजिक आ सिद्धान्त के लगातार प्रैक्टिस करू। एत्त एकटा समसामयिक उदाहरण देबय चाहब, जे हाल-फिलहाल मे एकटा खबर आयल छल जे एकटा नामी सॉफ्टवेयर कंपनी किछ डेवलपर रिक्रूट कऽ रहल छल। जे सब सेलेक्ट भेल ओकरा सभ के अचानक से एकटा नोटिस निकाली के नियुक्ति ई कहैत रद्द कऽ देलक जे सभ गोटे अप्पन लॉजिक लगेबाक स्थान पर मशीन से कोड लिखेने छलाह। प्रतिउत्तर मे तर्क देल गेल जे साधन जे होय यदि साध्य के प्राप्त कऽ लेल गेल त पाछा ई बहाना से छांटब उचित नई। ऐ पर कंपनी के तर्क आयल जे जखन 100% आउटपुट मशीने से लेबाक अछि त हम ह्यूमन हायर किए करू !

बुनियादी ज्ञान (Fundamentals) कऽ महत्ता: ​जेना कोनो गजल वा कविता लिखबा लेल भाषा, व्याकरणक ज्ञान, विषय के परिप्रेक्ष्य (Context), भाव आदि के ज्ञान आवश्यक अछि, तहिना एआई कऽ युग मे सेहो कम्प्यूटर आ सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के 'फंडामेंटल्स' बुझब अनिवार्य अछि।

 'प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग' - नवाचारक नव अस्त्र: ई लेखक एकटा मूल मंत्र ई अछि जे स्पष्ट निर्देश देबाक कला सीखू। एआई एकटा एहन अलादीन कऽ चिराग अछि जे अहाँक आज्ञा तँ मानत, मुदा अहाँक आज्ञा कतेक सटीकऽ अछि, ओही पर परिणाम निर्भर करत। जाहि केँ तकनीकी भाषा मे 'प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग' कहल जाइत अछि। CRAFT (Context Role Action Format & Tweaks) मेथड के उपयोग अहाँ के ऐ कला मे माहिर बना सकय अछि। अनवरत अभ्यास (Daily Practice):  तकनीक आ इंजीनियरिंग के क्षेत्र मे लगातार एआई टूल्स (ChatGPT, Copilot, etc.) कऽ संग प्रयोग करू। अनलर्निंग (Unlearning): जे पुरान भऽ गेल अछि ओकरा छोड़बाक साहस राखू आ नव तकनीक केँ अपनाउ।

एआई अहाँक नौकरी नै छीनि रहल अछि; ई अहाँ केँ अहाँक काज मे की करबाक अछि ओकरा फेर सँ परिभाषित कऽ रहल अछि। सॉफ्टवेयर विकास मात्र कोडिंग नै अछि - कोडिंग लाइफ साइकिल कऽ मात्र एकटा हिस्सा अछि। यद्यपि ई एकटा सही बात अछि जे एक दशक पूर्व तक कोडिंग के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र मे सुपर स्किल मानल जाय छल। हम सभ जेखन ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन मे रही, तखन एकटा सामान्य प्रशिक्षण संस्थान मे लर्निंग के रूप मे सबसे बेसी ज़ोर कोडिंग स्किल पर देल जाय छल। यद्यपि कोडिंग सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल के 30% से कम हिस्सा छैक तथापि सामान्य प्रशिक्षक आ प्रशिक्षु एहि स्किल पर 70% तक समय दैत आबि रहल अछि। मुदा सुपर स्किल आब ई भ गेल अछि जे अहाँ कोना कोनो अवश्यत (Requirement) केँ एकटा समाधान (Solution) मे बदलैत छी आ फेर ओकरा एकटा स्ट्रक्चर्ड प्रॉम्प्ट मे बदलैत छी। SAD(System Analysis & Design) अपना नामे अनुकूल एकटा उदासीन आ बोरिंग लागय वला विषय छैक, ओतहि डाटा स्ट्रक्चर आ अल्गोरिथम कॉम्प्लेक्स गणितीय व्यवहार बाला विषय। स्वाइत साधारण संस्थान मे ई विषय के लऽ कऽ पढ़बई आ पढ़ई बला दुनु मे अक्सर उदासीनता देखल जाय छैक, मुदा ऐ फील्ड मे भविष्य के बेहतर तैयारी लेल ई विषय सबहक थोरो नॉलेज आवश्यक छैक। हर दिन अभ्यास करू, अपडेट रहू, आ कहियो अपन फंडामेंटल्स (बुनियादी ज्ञान) केँ नजरअंदाज नै करू। चलु फेर से एकबेर केलकुलेटर बला उदाहरण पर चलय छी। केलकुलेटर जे हर तरहक गणितीय केलकुलेशन मे सक्षम अछि के रहितों, लर्निंग के शुरुआती फेज मे विद्यार्थी के मैनुअल केलकुलेशन के खूब अभ्यास कराओल जाय अछि। जाहि से की ओ केलकुलेशन विधा के सभटा सिद्धान्त के ज्ञान आ अनुभव प्राप्त कऽ सकय। ड्रीम वीबर या वीएस कोड सन एडिटर दसको पहिले आबि गेला के बावजूद शुरुआती समय मे विद्यार्थी के साधारण नोटपैड पर कोडिंग के अभ्यास कराओल जाय छैक। जेकर कारण सेहो विषय के फंडमेंटल्स क्लियर केनाइ आ बेसिक अनुभव देनाई रहय छैक।  

अपन प्रशिक्षण आ शुरुआती करियर के समय मे बौद्धिक शालीनता (Intellectual Complacency) बहुत महत्वपूर्ण अछि । जँ अहाँ अपन कैरियरक शुरुआत मे अपन साभटा सोच एहि टूल्स केँ सौंपि देब तँ अहाँ अपना भीतर जटिल एंटरप्राइज सिस्टम केँ डिजाइन करबाक क्षमता विकसित नै कऽ सकब। एआई कऽ संग प्रोटोटाइप बनयबा मे आ मिशन-क्रिटिकल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनयबा मे अंतर अछि। एहि क्षेत्र मे आर्किटेक्चरल जजमेंट कार्यस्थल पर कतेको सालक समझ सँ विकसित होइत अछि।

​सुरक्षा आ गवर्नेंस (Security & Governance): एकटा आर महत्वपूर्ण तर्क अछि जे एआई द्वारा कोड लिखायब आ सॉफ्टवेयर विकास आब आधारभूत कौशल (Foundational Skills) बनि रहल अछि। मुदा एआई द्वारा कोड जेनेरेट करबा आ डेवलपर्स द्वारा ओपन-सोर्स रिपॉजिटरी सँ कोड लेबा सँ जोखिम बढ़ि जाइत अछि। अहाँ केँ सुरक्षित, गवर्नड सॉल्यूशन बनयबाक तरीका सिखबाक चाहिए। इंजीनियर केँ कमजोरी (Vulnerabilities) कऽ स्कैन करबा, डेटा लीक कऽ पता लगायबा आ जिम्मेदार एआई सिद्धांत (Responsible AI Principles) लागू करबा मे सक्षम होबय के चाही।  अहाँ केँ Encryption (डेटा केँ गुप्त कोड मे बदलव) आ Authentication (सही यूजर कऽ पहचान) कऽ गहीर जानकारी राखय पड़त। OWASP Standards: ई सुरक्षाक एकटा वैश्विक मानक अछि। अहाँ केँ ई सीखय पड़त जे कोना 'एसक्यूएल इंजेक्शन' या 'क्रॉस-साइट स्क्रिप्टिंग' जकाँ हमला सँ अपन सॉफ्टवेयर केँ बचाओल जाय।

ट्रबलशूटिंग (Troubleshooting): समस्याक जड़ि धरि पहुँचब: एआई कोड तँ दऽ देत, मुदा जखन ओ कोड क्रैश करत, तखन एआई कन्फ्यूज भऽ सकैत अछि। ओतय अहाँक Debugging स्किल काज लागत। Root Cause Analysis (RCA): मात्र गलती ठीक करब पर्याप्त नै अछि, ई बुझब जरूरी अछि जे गलती कियैकऽ भेल? लॉग्स (Logs) पढ़ब: जखन सर्वर डाउन होइत अछि, तँ सिस्टम लॉग फाइल्स जेनरेट करैत अछि। एकटा नीक इंजीनियर ओहि नीरस फाइल केँ पढ़ि कए समस्या पकड़ि लैत अछि। कोनो प्रकार के सेक्यूरिटी कंप्रोमाइज़ या एरर के स्थिति मे सेहो लोग्स पढ़बाक आ मूल कारण पता लगायब, लीक के सोर्स पता लगायबएकटा महत्वपूर्ण स्किल अछि। एआई सेहो एहि मे अहांक कोपायलट के भूमिका मे राहत। रिवर्स इंजीनियरिंग: कतेक बेरि अहाँ केँ एआई कऽ लिखल कोड केँ रिवर्स कऽ कए देखय पड़त जे ओ कोना काज कऽ रहल अछि। ई कसरत अहाँक दिमाग केँ तेज बनओत। ऐ प्रकार के अभ्यास अहाँ के जॉब मार्केट मे रिलीवेंट बनेने रहत।

​हमरा इहो नै लागय अछि जे एंट्री-लेवल कऽ भूमिका साफे खतम भऽ जेतैक। शुरुआती झटका अवश्य लागि रहल अछि मुदा लॉन्ग रन मे नौकरी खतम नै हेतैक। ओ परिवर्तित (Transforming) भऽ रहल अछि। एआई कऽ युग मे मात्र ओहि लोक कऽ अस्तित्व खतरा मे अछि जे बदलब नै चाहैत छैथ वा अलग अलग स्किल सेट के सिखबा मे आलस करय छैथ। अहाँ अपन लॉजिकऽ मजबूत करू, SDLC कऽ हर प्रक्रिया मे माहिर बनू, आ कोडिंग केँ (प्रैक्टिस के संग) एआई कऽ भरोसे छोड़ि कए 'सिस्टम थिंकिंग' पर ध्यान दियौ। मिथिलाक मेधा सदा सँ श्रेष्ठ रहल अछि, आ एआई युग मे सेहो मिथिलाक बालक बालिका सब ऐ फील्ड मे अग्रणी रहता ई हमर विश्वास अछि।

 

-प्रणव कुमार झा, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड, नई दिल्ली

 

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