
प्रीति कुमारी
फौजी उमाकांत कामत : एक व्यक्तित्व

मिथिलांचल केर एक छोटसन नदी तट पर बसल नौआबाखर (मधुबनी) गाम आलापूर
प्रगानामे पड़ैत छैक। ऐ गामक स्मृति शेष बाबू चन कामत आ स्मृति शेष अरहुल
देवीक घर १ अप्रैल १९७२ ई० केँ श्री उमा कान्त जीक जन्म भेलनि। ऐ गामक पैघ
रकबामे पड़ोसी गाम पछिम सँ धावघाट, पूब भाग मैनही, उतर दिश हटनी आ दछिन सँ
सटले - देवनाथपट्टी राजस्व गाम अवस्थित छैक। फुलपरास एन एच सँ १३ किमी. आ
घोघरडीहा रेलवे टीशन सँ ५ किमी. दछिनमे ई नामी राजस्व गाम पड़ैत छैक। ई गाम
,गामे नहिं पंचायत मुख्यालय केर दर्जा १९९५ ई० सँ प्राप्त कयने छैक। साबिक
जमानामे अही गाममे ऐ इलाका'क मलगुजारी ओसुलैले राज कचहरी चलैत रहैक। एखनो
कोशी वेल्टके मीनी ब्लौक पंचायत सरकार भवनमे चलि रहलैक अछि। भूमि सर्वेके
अंचल स्तर पर कार्यालय संचालित छैक। जखन भिषण बरखा सँ प्रल्यंकारी वाढ़िक
कारणेँ मरना कोसी धार सहित बिहुल बलान धार आ भूतही बलानमे साउन -भादो मास
उमरल त्रासदीक सामना करैत लोक घोघरडीहा बजार जाईत छै, तँ जानलेवा सर्पदंश
सँ आक्रांतके अन्देशामे रहैछ। एहि दसकोशी केर जनजीवन अस्त-व्यस्त भ' कठिण
रहैछ। ताहि दुर्गम भूभाग मेँ सब अपने ले जीवनभरि अपसियांत देखाईछ। एहि
वन्सव्त श्री कामत जीके चर्चा करै सँ पूर्व हिनक बालपनके जानब आवश्यक
बुझाइए। छह सालक उमेरमे गामक प्राथमिक विद्यालयमे हुनक बड़भाय श्री लालदेव
जी नाउं लिखा देलथिन। बाल पोथी आ रानी मदन अमर हिन्दी पोथी पढ़ैत एकटा नव
संचार भेलैक। जनता पार्टी केर बिहार सरकार मातृभाषामे' मीरा कमल दिनेश '
मैथिली पोथी नि: शुल्क पहलामे वितरीत कय पढ़ौनी चालू केलक । से मीरा कमल
दिनेश केँ ई एक शांसमे पढि जाईथ। धरि बोल सुपूट नहिं कियो बुझि पाबैथ ,ओना
ओ कनेकबे तोतराईत सेहो छलाथि। लगधक दसेक वहिक्रममे गामक काउमरेड मनशीजी,
रामप्रसाद मंडल आ सुभक लाल ठाकुर ओ मुन्नशी मिश्र,ठको साह ,कैलू मियां ओ
माथपर बैटरी लाधने सत्य नारायण कामतके जत्थामे हाऊ- हुसील करैत लालपार्टीक
अण्डोलन म गेल रहथि। ऐ जूलूसमे गंजिये पहिरने घोघरडीहा सर्कलमे धरणा देलक।
एक बंगाल सँ आयल जटाशंकर मिसिर तोतराईत नारा बुलंद करथि आगू सँ आ सबकेओ
पांछा -पांछा ईनक्लाव जिलावाद बजथि -:
"सरसती (सरौती) से कोसी बांध तक कच्ची सड़क बनाना होगा!!"
फेर आठ सर्किल केर आम जनताके संगोर सँ अपन - अपन छिटा कोदारिक संग हटनी
होस्पीटल सँ आनन्द नगर धरि कारसेवा भेल। स्व० गुलाब ठाकुर,अमीन मुक्ति
ठाकुर छूटछुटाह कोदरिमे पच्चर लगेबाक काज कय नाम कमेलनि तँ बासुदेव मिस्त्री
आ गणेश नेताजी टिनक टीन पानि साईकिल पर उघि जलसेवा दैथि। कतेको गोटे मांटिक
चेका काटथि तँ उमाजी सन- सन निहथ लोक चेका उगहि रस्ता-पेरा बनाबथि। जहन
श्रमदान सँ बनैत टेढ़ -मेड़ सीमाने डगहर बनल तँ घोघरडीहाके भगिनमान अपना
खेतक बीच मेड़ सँ सड़क बनैक अर्चन कयलाह। हुनका हटनी निवासी श्री लखन झा
माँटिक बदला माँटि ( एक एकड़ जमीन) दैत दानदाता बनलाह। ८१- फुलपरास विधानसभा
क्षेत्र सँ उपचुनावमे जीतल एम एल ए. बिहार'क यशस्वी मुख्यमंत्री जननायक
कर्पूरी ठाकुर जी सड़क निर्माण लेल वाढ़ पिड़ित जनताक आशा - आकांक्षा
अनुरूप ठाढ़ उतरलाह। भुतपूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत डॉ० जगरनाथ मिश्र ईंट
सोलिंग कार्य कयलनि। एखन इयह पथ क्षेत्रीय विधायक श्रीमती हेमलता यादवके
अनुशंसा पर पी डब्लू डी रोड लाइफ लाइन बटोही लेल वाहनगम्य बनल अछ।
श्री उमाकांत जी ९-१० वर्षक वयसमे माछक शिकार खूब करैत छलाह। लुकरी बाला
बंशी, लहको बंशी आ तरेला बाला पथौवा बंशीक अतिरिक्त कुप देलहा पैन खता उपछि
सेहो माछ, काँकोर- डोका मारि घर आनथि। पहटा आ अरान सँ सेहो तथा हथौरियामे
माछ पकड़बाक कला सीखने रहथि। छह मास झिटकी गाममे मसियौत भाय राजिंदर जी लग
सेहो पढाकू आ गैबार बनल रहलाह। पुन: दुखित पड़ला पर जन्मभूमि पर आबि पढ़य
लिखयमे रमि गेलाह। मध्य विद्यालय हटनी छठम वर्ग सँ सप्तम कक्षा धरि पढैत
धारमे नाह चलौनाई खीख गेलाह। स्व० सुखदेव पंडित जी लग भोर- सांझ टिशन सेहो
पढैत हुनकर विकलांग बाबूजी सँ सबैया,डौढ़ा - अढ़ैया आ हुठ्ठा खांत हिसाब
मनोयोग पूर्वक सिखथि। सरौती उच्च विद्यालयमे जहन अष्टम् वर्गक छात्र रहथि
तँ परसा निवासी श्री काशी कान्त भंडारी जीक जेठ पुत्री सावित्री सँ सन्
१९८६ ई० म बालविवाह भेलनि। द्वीतिय श्रेणी सँ मैट्रिक पास कय अन्तर स्नातक
(विज्ञान) उत्तीर्ण कयलाह। निर्मली महाविद्यालयमे स्नातक टीडीसी फस्ट ईयरमे
पढिते रहथि तँ १९९३ मे सीमा सुरक्षा बलमे नियुक्ति भेटलनि। खुशी पूर्वक अपन
जीवनभरिक उपार्जि कैँचा अनुज भाय महाकान्त जीकेँ पढाय लेल उत्सर्ग कयलनि।
बच्चो सभकेँ पढायमे नगदी टाका मासे मास समर्पित कयलाह। मुदा भाय तँ नोकरीमे
जाय सँ पहिले भैयारी भिन्न भऽ गेलनि। धरि अपन जेष्ट पुत्र प्रकाश जी दारोगा
बनि गेलनि। अपन छोटे पुत्र विकासजी आ पुत्री सुखिति कुमारी केँ पढायमे खुब
पाई लगेलथि। नोकड़ीमे २० शाल पुरतहि अपने भी. आर. एस. लैत गाम बसि गेलाह आ
जेस्ट बालकके वियाह सिपौलमे आदर्श रूपेँ करोना कालमे करेलाह। एकटा मैजिक
चरिचकिया लौंन सँ लेलाह आ गामक पुल पर रात्रि - दिवा सेवार्थ व्यवहारिक
सुविधा दैत देखेलाह। कियो रोगीक संग बिनु पाईके गाम सँ बाहर इलाज कराबय
हिनक गाड़ी किरायामे ल' जाए सकैत छला। जहन घर छोड़ि शीतलहरीमे गाड़ी मरजेंसी
खातीर चलाबथि तँ बहुत एहन सक्षम लोक छथि जे हिनका टाका देबे नै करैन। वाध्य
भऽ कऽ ऐ वेपार सँ मुक्ति लेलनि। पुन: कारोबार करयके उद्देश्य सँ मालवाहक
चारिचकिया गाड़ी ऋण लैत बेसाहला । मोदीखाना चीज बौस्त स्टौर कयलाह। मुदा
उधारी सौदा लगला पर ततेक ने चिंतामे पड़लाह जे राजस्थानमे रुग्णावस्थामे
समुचित उपचार करय पड़लैन। परहेज राखैत ओना आब सेहत सामान्य रहैत छन्हि।
समाजमे असैर पर वेश सहयोगी बनैत बहुतो लोकक हृदयमे जगह बनाबै बाला उपकारी,
जागरूक नागरिक छथि।
देखल जाईछ एक व्यक्ति अपन जीवनके सम्पूर्ण कमाईके ५०% राशि धर्म-कर्ममे
लुटाबैत अपने स्वंयके माली हालतमे दयनीय स्थिति मेँ पेराईत रहैछ। से
उमाकांत जी वैज्ञानिक जागरण आ राजनीतिक जागृतिक मूलभूत सिद्धांत अनुसारे
सबकेओ केँ जागरूक करैत रहैत छथि। अंध विश्वास आ ढकोसला सँ फराक रहि लोकमे
जन चेतना आबय खातीर स्फूर्त वैचारिकी बढाबैत सबकेँ सतर्क करैत देखाईछ। ऐ
तरहक सर्वोदयी विचारधारा आ सोच सँ सतत् पछुआयल सुविधा वंचित समाज , जिनगीमे
प्रगति कय सकैत अछि। सादा जीवन आ उच्च विमर्श सँ लोक आगू बढ़त से विशवास
जगैत छन्हि श्री कामत जीकेँ। ओ अपने जीवनमे एक टुक सुपारी वा कोनू तरहक निशाँ
नहिं खाईत - पियैत सबसँ अपील करैत छथि " देखाबटी आ पैछिमी सभ्यता केर होर
सँ बचू।"
-प्रीति कुमारी,बी.ए. ऑनर्स (बी.एड०)
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