logo   

वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक

 विदेह

मैथिली साहित्य आन्दोलन

Home ]

 

India Flag Nepal Flag

(c)२००४-२०२१.सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतए लेखकक नाम नहि अछि ततए संपादकाधीन।

 

वि  दे  ह विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका  नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।

 

सत्यनारायण झा

लखन बाबू।  

 

 

लखन बाबू आइ जॅ जिबैत रहितथि त कतेक प्रसन्न रहितथि।लखन बाबू जखन पन्द्रह बर्खक रहथि त पिताक स्वर्गवास भए गेलनि।जे किछु जमीन जाल रहनि ,दियादवाद हरपि लेलकनि आ भाई बहिन संग अनाथ भए गेलाह,कोनो उपाय नहि बचलनि ,भूखे परिवार विलटि गेलनि आ तखन लखन बाबू एक ग्रामीण संग कलकत्ता गेलाह मुदा हावड़ा ब्रिज पर ओ हिनका छोड़ि भागि गेलनि ,पंद्रह बर्खक लखन बाबू खूब कनला जे आब की करब ,मुदा अपना में धैर्य आ साहश राखि सघर्ष करय लगलाह जे कालांतर में भाग्य पलटि गेलनि आ अपन लग्न , सत्यनिष्ठा के बदौलत एकटा खुशहाल परिवार ठाढ़ केलनि।घरक सभ बाल बच्चा ,बेटा भातिज सभ के पढ़ेबे नहि केलनि वल्कि उच्च शिक्षा तक देलखीन जाहि बदौलत हुनकर परिवार देश विदेश में झंडा गारि देलकै।ओकर एकेटा कारण छै ओ सत्यनिष्ठ छलाह,झुठ नहि ,बैइमानी ,घुसखोरी नहि केलनि।ओ सभ बाल बच्चा के कहने गेलखीन जे सत्यनिष्ठा पर रहै जायब।आइ ओ रहितथि त कतेक प्रसन्न रहितथि मुदा स्वर्गो सॅ अपन सफलता पर मुस्कराइत जरुर हेता।

 

# सत्यनारायण झा #

 

अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ।