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वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक पद्य

विदेह

मैथिली साहित्य आन्दोलन

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१.इन्द्रकान्त लाल- कक्का तोर अंगना २.संतोष कुमार राय 'बटोही' -दू टा कवित

इन्द्रकान्त लाल

कक्का तोर अंगना 

कक्का तोर अंगना, 

माँछ गम गम करौ 2 तोर अंगना। 


रेहु बुआर छियह आ की भून्ना 2 

खुएबह पड़ोसिया के 2 फल दुना 

कक्का तोर अंगना................... 


दुनू बापूत मिलि बैसल मांझ अंगना 2 

हमर ताड़ी हौ 2 तोहर चिखना... 

कक्का तोर अंगना............. 

 

खेने पिने मस्त रहऽ बनल भोकना 2 

औथिन काकी तं 2 खइयह बेलना... 

कक्का तोर अंगना... माँछ गम गम करौ तोर अंगना।

संतोष कुमार राय 'बटोही' -दू टा कविता


 

कनफुस्सी बिगाड़लक घर


 

मोन होइए की करू

की बनाउ की धरू

देह कँपैए थर्र-थर्र

कनफुस्सी बिगाड़लक घर


 

माए गै कोना बसब सासुर

तरकाई भेलै मँहग

मँहग भेलै एस्नो-पाउडर

कनफुस्सी बिगाड़लक घर


 

खाता खोला क कोनहु फैदा नहि भेल

जे टका आयल से गेल

सासु लड़ैत अछि साँझ-विहंसर

कनफुस्सी बिगाड़लक घर


 

ननदि मुँह फूलौने रहैत अछि

नीक निकुत सभ अपने खैए

मारै लेल छुटैए देवर

कनफुस्सी बिगाड़लक घर


 

अतेक पढ़ौलैंह आई ए-बी ए

आब चुल्ही निपबैत अछि 

 पथाबैए गोबर
 

कनफुस्सी बिगाड़लक घर


 

पिया कमैए परदेश

इ जबानी मे आगि लगलै

के बुझतै दरदिया हमर

कनफुस्सी बिगाड़लक घर


 

नौकरी


 

मोन नहि होइए नौकरी करू

हम कमैत छी दोसर खाइए

एको टा टाका नहि बचैए

घरवाली एतेक रास कहैए


 

देवता-पितर पूजलहुँ

बाबाधाम काँवरिया बनि गेलहुँ

दिन दूना राति चौगुना

सरकारी अफसर करैत अछि जोड़-घटाव-गुणा


 

नहि पढ़लहुँ तकर साफल भोगैत छै

दिल्ली,मुंबई,पंजाब खटैत छी

हम कमैत छी तैं हम नौकर

उ हीरो कहाबैत अछि हम जोकर


 

कारखाना मे काज कके टी बी भेल

गुटखा खाके कैंसर भेल

दोसर केँँ नौकरी कके खून पानि भेल

की कहू, की की नहि भेल


 

इ बड़का मकान मे हमरो हिस्सा छै

इ बैंकक टाका मे हमरो हिस्सा छै

इ कारखाना में हमरो हिस्सा छै

इ गाड़ी मे हमरो हिस्सा छै


 

यौ उद्योगपति मजदूरी नहि,

हमरा हिस्सा चाही

बड़ि हम सहलहुँ अहाँ केर मारि-गारि

बड़ि भेलै नौकर-मालिक केर खेल


 

 

संतोष कुमार राय 'बटोही'

ग्राम-मंगरौना

पोस्ट-गोनौली

प्रखंड-अंधराठाढ़ी

अनुमंडल-झंझारपुर

जिला-मधुबनी

बिहार-847401

 

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