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वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक पद्य  

विदेह

मैथिली साहित्य आन्दोलन

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(c)2004-2018. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।

 

 वि  दे   विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।

 

१.प्रभाष अकिंचन- महाकवि लाल दास २. कुमोद रंजन चौधरी

 

उठु मैथिल चलु मैथिल

प्रभाष अकिंचन

महाकवि_लाल_दास

महाकवि  पंडित  लाल  दास

वीरे-तारालाही  खडौआ-वास

मैथिली-साहित्यक  आकाश-दीप

आइओ  फहराईत  उच्चाकाश

 

जन्म-काल  अठारह  सौ  छप्पन

मैथिली-क्राँतिक  पडल  अरिपन

कुशाग्र-बुद्धिक  अग्रदर्शी  सपूत

खिलल  आंगन  दास  बचकन

 

संस्कृत  फारसी  मैथिलीक  जानकार

महाराज  दरभंगाक  प्रिय  पेशकार

प्रशासनिक  कौशल  में  प्रवीणतम

ज्ञान  प्रतिभाक  अद्भुत  अवतार

 

साहित्य-सृजनक'  कएल  भंडारण

रमेश्वर-चरित  जानकी-रामायण

चण्डी-चरित  सावित्री-सत्यवान 

स्त्री-शिक्षा  सम  अतुल काव्यायन

 

उन्नैस  सौ  एकैस  में  महाप्रयाण

ओहि  महामानव  के  कोटि-प्रणाम

अकिंचन  कलमस'  उच्चभावयुक्त

कायस्थ-ऋषिक  शत-शत  सम्मान 

कुमोद रंजन चौधरी

उठु मैथिल चलु मैथिल

 

 उठु मैथिल चलु मैथिल

 पाञ्चजन्य के प्रयोग करू

 हुंकार भरू शंखनाद स

 अपना ले अपने किछ काज करू

मिथिला के गौरब गाथा

जूनी खाली बखान करू

इतिहास बैन गेला मैथिल

कनी अपन इतिहास पढू

जनक बाबा कैन रहल छैथ

देख मिथिला के दूरदाशा

कोना मैथिल विषैर रहल छैथ

अपन बोली अपन मिठगर भाषा

उठु मैथिल चलु मैथिल ......

.....…......

मिथिला लेल ज मैथिल नई बजता

अर्जुन बैन ज गाण्डीव नई धरता

कलजुग छी ई सुइन लिय यौ मैथिल

अहा के लेल कि कोनो कृष्ण ओता

संघ में शक्ति कलयुग के गुण छै

ई बुझबै लेल कि अहा के गौतम ओता

उठु मैथिल चलु मैथिल

.....

 

गाम घर सब खाली भ गेल

खेत खलिहान सब गाछी भ गेल

टुकुर टुकुर बाट तकैत छैथ

बड़की काकी बुड़बा काका

गप करै लेल लोग तकैत छैथ

नित्य एक्के चर्च करइ छैथ

सब स पुछथिन कहिया ओता

बड़का बौवा आर नुनु बच्चा

 

 

                                                                    उठु मैथिल चलु मैथिल .....

निमी के मिथिला मिथि के मिथिला

नेतागण एकरा नोइच खेला

जेकरे देखु बुधियारे बढ़ छैथ

चैर गोटे नई कखनो एक संग रहै छैथ

निज स्वार्थ में सब डूइब जीबैत छैथ

अपने स अपने सब लैर मंरै छैथ

उठु मैथिल चलु मैथिल ....

...........

जाही ठाम प्रगट भेली सीता मैया

हमहू सब त छी जन्मोंटी वैदेहीया

पेट रोटी लेल बौख रहल छी

बैन क सब परदेशिया भैया

गामक आम काकी बला गाछी

बढ़ मोन होइ अइछ जै हाटक गाछी

गाम स दूर कि कोनो जीब रहल छी

मोन मैर क बुझु त कैन रहल छी

उठु मैथिल चलु मैथिल

- कुमोद रंजन चौधरी

ग्राम- विह्नगर

प्रखंड- पंडौल

जिला - मधुबनी

 

 

 

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