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वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक  गद्य

विदेह

 

मैथिली साहित्य आन्दोलन

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(c)२००४-१७.सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।

 

 

 वि  दे   विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine  विदेह प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका  नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।

 

आशीष अनचिन्हार

"कतेक रास बात" इंटरनेटपर मैथिलीक पहिल उपस्थिति नै अछि

 

आइ हम जे लेख परसि रहल छी तकर मूल उद्येश्य अछि “मैथिली वेब पत्रिकारिताक प्रारंभिक स्वरूप”केँ फड़िच्छ करब। आन तथ्य देबासँ पहिने हम याहूसिटीज / ब्लागरसँ संबंधित किछु घोषणा देखा रहल छी जे कि याहूसिटीज / ब्लागर केर आफिसियल पेजसँ लेल गेल अछि आ एकरा कियो गलथोथी वा कुतर्कसँ गलत साबित नै कऽ सकै छथि। तँ देखू निच्चाक तथ्य-

1) 1999मे याहूसिटीज (Yahoo! GeoCities) चालू भेलै आ 2001मे प्रोफिट नै हेबाक कारणे एकरा लगभग बंद कऽ देल गेलै (फ्री एकांउट बला सभकेँ स्टेप बाइ स्टेप बंद कएल गेलै) मैथिलीक पहिल इंटरनेटीय उपस्थिति जे कि भालसरिक गाछ नामसँ सन 2000 सँ याहूसिटीजपर छल  तकरो एकांउट बंद भऽ गेलै (जँ कियो चाहता तँ एकर रेकार्ड याहूसँ मँगबा सकै छथि, ओना एकर चांस कम कारण आर्काइभ खत्म भऽ गेल छै)। एकर बादमे 2009सँ याहूसिटीज अमेरिका समेत सभ देशसँ अपन पेड सर्भिस सेहो हटा लेलक आ आब मात्र जापानमे एखन एकर सर्विस बाँचल छै। ई तँ बहुत पहिनेक बात छै हाल-फिलहाल (2014)मे सभ गोटा आरकुटकेँ बंद होइत देखने हेबै। आरकुटपर जिनकर-जिनकर प्रोफाइल रहए से आब नै भेटि सकैए। हँ जे आर्कइभ बना लेने हेता से फाइल रूपमे अपन डाटा रखने हेता। याहूसिटीज केर विकिपीडिया वा आन संदर्भसँ हमर तथ्यकेँ जाँचल जा सकैए।

2)  May 01, 2008सँ ब्लागर फ्यूचर पोस्ट केर सुविधा देलकै जकरा एहि लिंकपर देखि सकै छी https://blogger.googleblog.com/2008/05/blogger-now-schedules-future-dated.html एहि सुविधासँ लोक पोस्टकेँ ड्राफ्टमे भविष्यक तारीख संग राखि दै छथिन आ ओ पोस्ट नियत तारीखमे अपने-आप पोस्ट भऽ जाइत छै। एहि फीचरमे जे कैलेंडर देल गेल छै तकरे सहायतासँ आजुक पोस्टकेँ दू साल पाछूक तारीखमे लऽ जा सकै छी तेनाहिते दू साल पहिनुक पोस्टकेँ आजुक तारीखमे आनि सकै छी मुदा ई मात्र पोस्टक तारीख वा सालमे हेड़ा-फेरी कऽ सकै छी कोनो पोस्टक URL केर तारीख,महीना वा सालमे नै। URL बला तारीख,महीना वा साल वएह रहतै जहिया पोस्ट प्रकाशित भेल रहै।

3) December 10, 2008सँ ब्लागर दूटा ब्लाग केर मर्जिंग मने जोड़ि देबाक सुविधा देलकै एकरा एहि लिंकपर देखि सकै छी https://blogger.googleblog.com/2008/12/your-blog-your-data.html एहि सुविधासँ लोक अपन अलग-अलग ब्लागकेँ एकठाम जोड़ि सकै छलाह।

4) February 03, 2010सँ ब्लागर पेज शुरू करबाक सुविधा देलकै एकरा एहि लिंकपर देखि सकै छी https://blogger.googleblog.com/2010/02/create-pages-in-blogger.html एहि सुविधासँ लोक अपन ब्लागक विभिन्न सूचना पाठक लग दै छथि। पेज बनेलापर खाली अक्षर वा अक्षर-अंकक लिंक बनै छै मुदा तारीख,महीना वा सालनै रहै छै।

5) July 17, 2012सँ ब्लागर कस्टम लिंक बनेबाक सुविधा देलकै जकरा एहि लिंकपर देखि सकै छी https://blogger.googleblog.com/2012/07/customize-your-posts-with-permalinks.html कस्टम लिंक मने अहाँ अपना मोनक हिसाबें कोनो पोस्टक URL बना सकै छी मुदा URLमे पोस्टक प्रकाशन दिन बला तारीख,महीना वा साल रहत। पोस्टक ओरिजिनल पोस्ट डेट वा पोस्टक साल नै बदलल जा सकैए जकरा अहाँ सभ एहि लिंकपर देखि सकै छी http://blogger-hints-and-tips.blogspot.in/2009/12/changing-date-for-post.html

उपरक तथ्य सभकेँ नीक जकाँ अहाँ सभ मोन राखू आ निच्चा देल गेल मैथिलीक आरंभिक ब्लाग / वेबसाइट सभहँक पहिल पोस्ट आ ओकर तारीख सभकेँ अहाँ अपने जाँचू जाहिसँ ई स्पष्ट हएत जे कोन पत्रिका पहिल अछि आ के दोसर। एहि अंतर्गत हम पाँच टा ब्लाग / वेबसाइट राखब 1) भालसरिक गाछ (याहू सिटीज आ ब्लागर दूनू बला ) 2) पल्लवमिथिला 3) समदिया  4) प्रकरांतर 5) कतेक रास बात

आगू बढ़बासँ पहिने ई कहि दी जे एहि पाँचो ब्लागमे दू टा एहन लिंक अछि जकर आर्काइभ उपल्बध नै अछि मुदा चर्चा हम सभ लिंक केर करब चाहे ओकर आर्काइभ हो या नै हो। आर्काइभ नै हेबाक मततलब ई नै छै जे कोनो चीजक अस्तित्वकेँ नकारि देल जाए।

भालसरिक गाछ

गजेन्द्र ठाकुर जी याहूसिटीजपर बहुत रास मैथिलीक साइट बनेने छलाह मुदा ताहिमेसँ "भालसरिक गाछ" केर लिंक (जे सन 2000 सँ याहूसिटीजपर छल) बाँचल अछि। एकर लिंक http://www.geocities.com/bhalsarik-gachh/ अछि। याहूसिटीज पर ई बंद भेलाक बाद 5 जुलाई 2004केँ एही नामसँ ब्लागरपर सेहो गजेन्द्र ठाकुर द्वारा ब्लाग बनाएल गेल आ जनवरी 2009मे एकरा विदेहक संग जोड़ि देल गेलै आ आब ई http://www.videha.com/2004/07/bhalsarik-gachh.html लिंकपर आर्काइभ सहित अछि। एहिठाम मोन राखब जरूरी जे याहूसिटीज बला ब्लाग केर आर्काइभ उपल्ब्ध नै अछि।

पल्लवमिथिला

पल्लवमिथिला नामक वेबसाइट जे कि 2059 माघे संक्रान्ति- (2003 जनवरीमे) धीरेन्द्र प्रेमर्षिजी द्वारा बनाएल गेल। एकर लिंक अछि- www.pallavmithila.mainpage.net वर्तमानमे ई वेबसाइट बंद अछि। एहि वेबसाइट केर मूल पेज www.mainpage.net सेहो याहूजियो सिटीज जकाँ बंद भऽ गेलै। संगे-संग एहू वेबसाइट केर आर्काइभ उपल्बध नै अछि। विनय कुमार कसजू केर नेपाली पोथी "सूचना प्रविधिको शक्ति र नेपालमा यसको उपयोग" जे कि सितंबर 2003 मे प्रकाशित भेलै तकर पृष्ठ 155 पर "पल्लवमिथिलाक चर्चा छै।

समदिया

ईहो ब्लाग गजेन्द्र ठाकुर जी द्वारा 9 अगस्त 2004मे बनाएल गेल छल समादक वास्ते मुदा पहिल पोस्टक बाद लगभग चारि साल ई बंद रहल फेर 2008सँ एकर प्रकाशन शुरू भेल आ फेर-आस्ते-आस्ते 2015 धरि चलैत रहल। एहि ब्लागक पहिल पोस्टक लिंक अछि- http://esamaad.blogspot.in/2004/

प्रकरांतर

एहि ब्लागक पहिल पोस्ट 12 फरवरी , 2005 केँ अछि जकर लिंक http://prakarantar.blogspot.in/2005/02/blog-post.html अछि। ई ब्लाग किनका द्वारा बनाएल गेल से अज्ञात अछि मुदा कमेंट सभसँ पता चलैए जे कोनो ठाकुरजी छथि (शायद विजय ठाकुर जिनक मैथिली दर्पण, तात्काल आदि ब्लाग सेहो छनि)। जे हो मुदा एकर लिंकसँ एहि ब्लागक तारीख पता चलि रहल अछि। मात्र दू टा पोस्टक बाद ई ब्लाग बंद भऽ गेल मने ओहिपर पोस्ट एनाइ बंद भऽ गेल। एहि ब्लागक अंतिम पोस्ट 19 फरवरी , 2005मे आएल।

कतेक रास बात

कतेक रास बातक मूल लिंक http://vidyapati.blogspot.com/ अछि (आब एकर पता http://www.vidyapati.org/ अछि मुदा दूनू लिंकसँ खुजैत छै)। कतेक रास बात नामक ब्लाग केर सभसँ पहिल पोस्ट जे देखा रहल अछि (देखू चित्र- 1, चित्र सभ निच्चा अछि) ताहिमे झोल-झाल छै। एकर URLमे http://www.vidyapati.org/2013/07/blog-post_28.html देखा रहल छै (देखू चित्र-1 केर उपर घेरामे) मतलब ई पोस्ट 2013 केर जुलाइ मासमे भेल छै। मुदा एकर प्रकाशन केर तारीख July 01,1999 तारीख देखा रहल छै (देखू चित्र-1 केर नीचा घेरामे)। आ एहि पोस्टसँ पहिने आरो कोनो पोस्ट नै छै से न्यूअर पोस्ट देखलासँ पता चलि जाइत छै। एहि पोस्टक बाद जे पोस्ट अछि से सूचनाक रूपमे अछि आ तकर URL http://www.vidyapati.org/2005/08/blog-post.html अछि (देखू चित्र- 2) मने ई पोस्ट 2005 केर अगस्त मासमे भेल अछि  (देखू चित्र-2 केर उपर घेरामे) मुदा फेर एहूक प्रकाशन तिथिमे गड़बड़ी कएल गेल अछि आ प्रकाशन तारीखकेँ November 28, 2004 बना देल गेल अछि (देखू चित्र-1 केर नीचा घेरामे)। एहि पोस्टक बाद बला जे पोस्ट अछि तकर URL http://www.vidyapati.org/2005/09/blog-post.html अछि मने ई पोस्ट 2005 केर सितंबर मासमे प्रकाशित भेल आ एकर प्रकाशन तारीख September 02, 2005 अछि मने एखन धरिमे इएह पोस्ट सही अछि (देखू चित्र- 3)। सितंबर 2005 केर बाद जुलाइ 2006मे पोस्ट भेल जकर URL अछि http://www.vidyapati.org/2006/07/blog-post.html आ एकर प्रकाशन तारीख अछि July 12, 2006 एहि आ एकर बाद बला पोस्टक URL आ प्रकाशन तारीख मीलै छै। जे गड़बड़ी छै से पहिलुक दूटा  टामे आ से मात्र इतिहासमे गलत तरीकासँ पहिल स्थान बनेबाक लेल। जँ कतेक रास बातक एहि चारि टा पोस्टक तारीखकेँ सजाएल जाए तँ ई निश्चित भऽ जाइ छै जे एहि ब्लागक पहिल पोस्ट 1 अगस्तसँ लए कऽ 31 अगस्त धरिक बीचमे भेल छै (सुविधा लेल अगस्त-2005 नाम हम देलहुँ)। एकटा आर रोचक तथ्य ई जे कतेक रास बात केर परिचय (पेज रूपमे, देखू चित्र-4)मे पद्मनाभजी लीखै छथि "प्रिय पाठकगण;एहि ब्लोग’क शुरुआत हम 2004 मे केलहुँ. ताबय धरि हमरा जानकारी मे मैथिली भाषा इन्टरनेट पर नहि छलए"। ई कोन जानकारीक दाबी भेलै। 2003मे प्रिंट पोथीमे पल्लवमिथिला बारेमे लिखाएल छै तखन आर हिनका कोन जानकारी चाही। भऽ सकैए जे पद्मनाभजी कहथि जे पल्लवमिथिला नेपालक अछि मुदा मैथिली तँ नेपालोमे छै आ ओनाहुतो इंटरनेटक कोन देश हेतै। इंग्लैंडमे चलि रहल मैथिलीक वेबसाइट वा ब्लागकेँ मैथिली भाषाक कहल जेतै या इंग्लैडक भाषाक। भऽ सकैए जे पद्मनाभ जी कहथि जे हम ब्लाग 2004मे बनेलहुँ मुदा ओकर पहिल पोस्ट अगस्त 2005मे भेल मुदा एहन दाबी तँ कियो कऽ सकैए। सभसँ पहिने तँ हमहीं दाबी करब जे हमर ब्लाग "अनचिन्हार आखर" 1999मे बनल मुदा ओकर पहिल पोस्ट 11 अप्रैल 2008केँ भेल। मुदा वास्तविक रूपें हम जानै छियै जे ई तर्क नै मात्र बकथोथी हेतै। कतेक रास बात दिसम्बर 2013 धरि चलैत रहल ओहि केर बाद ओहिपर कोनो सक्रियता नै अछि।

गजेन्द्र ठाकुर अपन पोथी "कुरुक्षेत्रम् अंतर्मनक" (संस्करण 2009)मे एकटा आलेख देला जकर शीर्षक छै " भाषा आ प्रौद्यौगिकी (संगगणक, छायाकंन, कुंजीपटल, टंकण तकनीक) अंतर्जालपर मैथिली आ विश्वव्यापी अंतर्जालपर लेखन आ ई प्रकाशन" जे कि बादमे अंतिका पत्रिकाक अंतर्जाल विशेषांकमे सेहो प्रकाशित भेलै। एहि आलेखमे गजेन्द्रजी "भालसरिक गाछ" संबंधमे चर्चा केने छथि जाहि के बाद भ्रम पोसए बला "पहिल" लोक सभहँक भ्रम टूटल आ तकरे फलस्वरूप ओ सभ गलत तथ्य प्रकाशित केलाह जे हम एतेक सालमे शुरू केने रही तँ हम ओतेक सालमे शुरू केने रही। ठाकुरजीक ई आलेख ओहि समयमे पहिल ओहन आलेख रहै जाहिमे अंतर्जालक संबंधमे विस्तारसँ चर्चा रहै एते धरि जे बिना कोनो सर्टिफिकेट लेने अपनासँ कोना वेबसाइट बना सकै छी तकरो विधि ओहि आलेखमे छै। पाठक ई आलेख हुनक पोथी वा अंतिका पत्रिकाक "अंतर्जाल विशेषांक"मे पढ़ि सकै छथि।   मैथिलीमे सभ ई मानै छथि जे हम जहियासँ काज शुरू केलहुँ सएह पहिल भेल। इतिहासमे तकनाइ, अध्ययन केनाइ हुनका पसंद नहि छनि (एकटा टटका उदाहरण हमरा भेटल जे एक वेबसाइट जे कि अगस्त 2012सँ चालू भेल हुनक दावा छनि जे हम अपन वेबसाइटपर पहिल बेर साक्षात्कार शृंखला चालू केलहुँ जे कमसँ कम कोनो वेब पत्रिकामे नै छल। आब देखू जे समदिया अक्टूबर 2011सँ "हम पुछैत छी" नामक साक्षात्कार शृंखला चलेलक आ एहिमे कुल सत्तावनसँ बेसी व्यक्तित्वक साक्षात्कार प्रस्तुत कएल गेल अछि। आब कहू पहिनेसँ के चला रहल अछि। एही ठाम अध्ययनक जरूरति पड़ै छै। बिना पढ़ने आ जनने पहिल केर बीमारी पोसने मैथिलीक सेवक सभ बहुत पसरल छथि)। हम पुछैत छी शीर्षक सभ साक्षात्कार एहि लिंकपर पढ़ि सकै छी- http://esamaad.blogspot.in/p/blog-page_22.html एतेक देखेलाक बाद हम "कतेक रास बात" केर संचालक सभ सभ पूछए चाहै छी जे जँ प्रकाशने तारीखकेँ मानक बूझी तखन मैथिली किएक ओ हिंदी आ भारतक पहिल ब्लाग हेबाक दाबी किए नै कऽ रहल छथि। हिंदीक पहिल ब्लाग "नौ दो ग्‍यारह" अछि जे कि आलोक कुमार जी 21 अप्रैल 2003 के शुरू केने छलाह। कतेक रास बातक तँ प्रकाशन तिथिक हिसाबसँ "9211"सँ चारि साल पुरान अछि तखन  डा0 पद्मनाभ मिश्र  क्लेम करथु भारतक पहिल ब्लाग हेबाक। मुदा  डा0 पद्मनाभ मिश्र  नै कऽ सकताह कारण हुनका बूझल छनि अपन बैमानीक बारेमे।  डा0 पद्मनाभ मिश्र  किछु ओहन नवसिखुआ सभकेँ बड़गला सकै छथि के मात्र एकांउटिंग उद्येश्यक संग कंप्यूटर चलबै छथि मुदा जे कंप्यूटरसँ नीक जकाँ परिचित छथि तिनका ओ कोना बड़गला सकै छथि। हम एहि लेखक माध्यमे पद्मनाभजीकेँ चुनौती दै छियनि जे प्रकाशन तारीखक हिसाबसँ ओ अपन ब्लागकेँ भारतक पहिल ब्लाग घोषित करबाबथि आ से केलासँ ओ मैथिलिओक पहिल ब्लागर बनि जेता।

उपरक तथ्य सभसँ पता चलल हएत जे इंटरनेटपर --

1) भालसरिक गाछ (याहू सिटीज) 2000सँ अछि जकर लिंक http://www.geocities.com/bhalsarik-gachh/ अछि।

2) पल्लवमिथिला 2003सँ अछि जकर लिंक www.pallavmithila.mainpage.net अछि।

3) समदिया 2004सँ अछि जकर लिंक http://esamaad.blogspot.in/2004/ अछि।

4) प्रकरांतर 12 फरवरी , 2005 केँ अछि जकर लिंक http://prakarantar.blogspot.in/2005/02/blog-post.html अछि।

5) कतेक रास बात अगस्त-2005सँ अछि जकर लिंक http://www.vidyapati.org/2005/08/blog-post.html अछि।

आ तँइ ई निश्चित रूपेण कहल जा सकैए जे भालसरिक गाछ (याहू सिटीज) बला इंटरनेटपर मैथिलीक पहिल उपस्थिति अछि। तकर बाद पल्लवमिथिलाक स्थान दोसर अछि। समदियाक स्थान तेसर अछि। प्रकरांतर केर स्थान चारिम अछि। आ अंतमे कतेक रास बात केर पाँचम स्थान अछि।

बहुत संभव अछि जे इंटरनेटक अथाह दुनियाँ केर किछु तथ्य हमरासँ छुटि गेल हो तँइ जँ अहाँ सभ ओकर सूचना दऽ एहि लेखकेँ परिमार्जन करेबै तँ ई भविष्य आ इतिहास दूनू लेल नीक रहतै। आशा अछि जे कोनो गलती दिस निधोख भऽ अहाँ सभ सुझाव देब।

 

चित्र सभ निच्चा अछि-

 

 

 

 


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