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पथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक पद्य    

विदेह

मैथिली साहित्य आन्दोलन

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विदेह नूतन अंक पद्य १

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(c)2004-2018.सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।

 

 वि  दे   विदेह Videha বিদেহ http://www.videha.co.in  विदेह पथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका Videha Ist Maithili Fortnightly e Magazine  विदेह पथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका नव अंक देखबाक लेल पृष्ठ सभकेँ रिफ्रेश कए देखू।

 

१. राहुल कुमार चौधरी- हेलैत प्राण २. आशीष अनचिन्हार- दू टा गजल

राहुल कुमार चौधरी

हेलैत प्राण

शोणितक पोखेर मे

हम हेल रहल छी

आ अहाँ,

बारुदक महार पर बैसि

माछ मारि रहल छी ।

 

बंसी केँत' बातें छोड़ु

  अहाँ त

महाजाल फेक

रेहूँ, भाकुर जेना

मारि रहल छी

मनुक्खक प्राण

दुनू विश्वशक्ति केर बीच

हमर अंगना,

बेन गेल ऐछ

सझिया खेत आ,

कर्बला के मैदान ।

 

धू-धू कS

जरि रहल य'

हमर इतिहास आ,

सभ्यता ।

लागल अछि अहाँ केँ

आँखि पर अन्हारजालि,

मुहँ पर जाबी,

कान पर पर्दा।

 

नाक सेहो बन्द

ऐछ की

दुर्गन्ध ने

लागेत य'।

मनुक्खक माउसक जे

चाहुँदिश पसरल अछि

हमर माइयक शोणित जे

पिछला दस दिनसँ,

जमल अछि माटि पर

इराक, लीबिया आ

अफगानिस्तान केँ बाद

हमर अंगना बनल

अहाँ केँ,

युद्ध मैदान ।

 

भसिआएल जिनगी मे,

जे किछ शेष अछि

सब छी मात्र,

 अवशेष

जरल इतिहासक आ

सभ्यता केँ ।

 

मुदा परती ने रहत

शोणित सँ,

भीजल माटि पर,

नव कोपर निकलट ।

 

शोणितक पोखेर हेलैत-हेलैत

हम घाट पर पहुँचब

आ तखन लेब

बचल अवशेष आ

शोणितक एक-एक ठोपक

सुइद जोरि हिसाब ।

 

-राहुल कुमार चौधरी

रुद्रपुर मधुबनी

आशीष अनचिन्हार

दू टा गजल

1

चुपचाप देखब कपारमे
चुपचाप चाहब कपारमे


 

ओ जे जे कहथिन सएह सभ

चुपचाप मानब कपारमे


 

सपना अपन आँखि के बहुत

चुपचाप डाहब कपारमे


 

ई नोर हुनके हँसी सनक

चुपचाप कानब कपारमे


 

देखा कऽ लिखलहुँ ई पाँति आ

चुपचाप मेटब कपारमे


 

सभ पाँतिमे 2212-212-12 मात्राक्रम अछि। दोसर आ चारिम शेरक पहिल पाँतिमे एकटा दीर्घकेँ लघु मानि लेबाक छूट लेल गेल छै।


 

2

हुनके विकास

जनता उदास


 

संसद बनलै

चोट्टा निवास


 

अपने अर्थी

अपने लहास


 

जेबी जानै

हाटक हुलास


 

बूड़ल देशक

दर्शन झकास


 

सभ पाँतिमे 22-22 मात्राक्रम अछि। दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।

 

ऐ रचनापर अपन मंतव्य editorial.staff.videha@gmail.com पर पठाउ।