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प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक 

विदेह

 

मैथिली साहित्य आन्दोलन

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(c)२०००-२०२२.सर्वाधिकार लेखकाधीन आ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।

 

 

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India Flagप्रस्तुत विशेषांकक संदर्भमे

नवम्बर 2021 केँ विदेह 'केदारनाथ चौधरी विशेषांक प्रकाशित करबाक सार्वजनिक घोषणा केलक आ प्रस्तुत अछि ई विशेषांक। एहि सूचनाकेँ एहि लिंकपर देखि सकैत छी-घोषणा

मैथिलीमे एकटा विचित्र स्थिति छै हिंदीसँ विचारधारा आयात करबाक। आ एहने एकटा विचार छै "गंभीरता बनाम लोकप्रियता"। हिंदी आ मैथिली छोड़ि आन भाषामे ई बेमारी नै भेटत। उर्दूमे जावेद अख्तर अपन फिल्मी डायलाग लेल, अपन फिल्मी गीत लेल सिनेमा केर पुरस्कार पाबै छथि तँ अपन गजल लेखन लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कार सेहो। हिंदी केर नकलक कारणे मैथिलीमे ई स्थिति कहियो नै आबि सकत। वस्तुतः "गंभीरता बनाम लोकप्रियता" केर वाद किछु अगंभीर ओ अलोकप्रिय लेखक सभ द्वारा "गंभीर मुदा लोकप्रिय" लेखक केर विरुद्ध रचल षडयन्त्र छै। चंदा झा गंभीर ओ लोकप्रिय छथि तँ हरिमोहन झा सेहो। सीताराम झा होथि, किरणजी होथि वा कि मधुपजी। ई सभ गंभीर आ लोकप्रिय दूनू छथि। जे लोकनि लोकप्रियताकेँ गंभीरतासँ अलग मानै छथि तिनकर रचनाकेँ नीकसँ विवेचना करू तँ हाथमे सुन्ने-सुन्ना आएत।

केदारनाथ चौधरी मैथिलीमे एहन नाम छथि जिनका लग गंभीरता सेहो छनि आ लोकप्रियता सेहो। लोकप्रियता तेहन जे हिनका छिटकी मारबाक लेल 2004 सँ धरि एखन धरि बारि देल गेल (अपवादमे प्रबोध साहित्य सम्मान ओ एक-दू स्थानीय सम्मान समारोह मानू)

एहन नै छै जे केदारजीपर लिखल नै गेलै मुदा ओ सभ एकट्ठा नै भऽ सकल छै तँइ ओकर प्रभाव हेड़ा गेल छै। एहि संदर्भमे हम कहि सकै छी जे विदेहक ई प्रस्तुत विशेषांक एहन पहिल प्रयास अछि जाहिमे ई बुझबाक प्रयास कएल अछि जे केदारनाथजीक रचना केतक गंभीर आ कतेक लोकप्रिय अछि। ई अलग बात जे हम सभ कतेक सफल वा असफल भेलहुँ से पाठक कहता। एहि विशेषांक केर शुरूआत विदेहक आने विशेषांक जकाँ नव आलोचक-समीक्षक सभहक आलेखसँ कएल जा रहल अछि। संगे-संग ई क्रम ने तँ उम्रक वरिष्ठता केर पालन करैए आ ने रचनाक गुणवत्ताक। हँ, एतेक धेआन जरूर राखल गेल छै जे पाठकक रसभंग नहि होइन आ से विश्वास अछि जे रसभंग नै हेतनि।

पाठक जखन एहि विशेषांककेँ पढ़ताह तँ हुनका वर्तनी ओ मानकताक अभाव लगतनि। वर्तनीक गलती जे थिक से सोझे-सोझ हमर सभहक गलती थिक जे हम सभ संशोधन नै कऽ सकलहुँ मुदा ई धेआन रखबाक बात जे विदेह शुरुएसँ हरेक वर्तनी बला लेखककेँ स्वीकार करैत एलैए। तँइ मानकता अभाव स्वाभाविक। एकर बादो बहुत वर्तनीक गलती रहल गेल अछि जे कि हमरे सभहक गलती अछि।  मैथिलीमे किछुए एहन पत्रिका अछि जकर वर्तनी एकरंगक रहैत अछि आ ई हुनक खूबी छनि मुदा जखन ओहो सभ कोनो विशेषांक निकालै छथि तखन वर्तनी तँ ठीक रहैत छनि मुदा सामग्री अधिकांशतः बसिये रहैत छनि। ऐतिहासिकताक दृष्टिसँ कोनो पुरान सामग्रीक उपयोग वर्जित नै छै मुदा सोचियौ जे 72-80 पन्नाक कोनो प्रिंट पत्रिका होइत छै ताहिमे लगभग आधा सामग्री साभार रहैत छनि, तेसर भागमे लेखक केर किछु रचना रहैत छनि आ चारिम भागमे किछु नव सामग्री रहैत छनि। मुदा हमरा लोकनि नव सामग्रीपर बेसी जोर दैत छियै। एकर मतलब ई नहि जे वर्तनीमे गलती होइत रहै। हमर कहबाक मतलब ई जे संपादक-संयोजककेँ कोनो ने कोनो स्तरपर समझौता करहे पड़ैत छै से चाहे वर्तनीक हो कि, मुद्राक हो कि विचारधारक हो कि सामग्रीक हो। हमरा लोकनि वर्तनीक स्तरपर समझौता कऽ रहल छी मुदा कारण सहित। प्रिंट पत्रिका एक बेर प्रकाशित भऽ गेलाक बाद दोबारा नै भऽ सकैए (भऽ तँ सकैए मुदा फेर पाइ लागि जेतै) तँइ ओकर वर्तनी यथाशक्ति सही रहैत छै। इंटरनेटपर सुविधा छै जे बीचमे (इंटरनेटसँ प्रिंट हेबाक अवधि) ओकरा सही कऽ सकैत छी मुदा समाग्रिए बसिया रहत तँ सही वर्तनी रहितो नव अध्याय नै खुजि सकत तँइ हमरा लोकनि वर्तनी बला मुद्दापर समझौता केलहुँ।  हमरा लोकनि कएलनि, कयलनि ओ केलनि तीनू शुद्ध मानैत छी, एतेक शुद्ध मानैत छी एकै रचनामे तीनू रूप भेटि जाएत। आन शब्दक लेल एहने बूझू।

उम्मेद अछि जे पाठक विदेहक आने विशेषांक जकाँ एकरा पढ़ताह आ पढ़ि एकर नीक-बेजाएपर अपन सुझाव देताह। विदेह अरविन्द ठाकुर विशेषांक केर पोथी रूप "स्वतंत्रचेता" केर नामसँ प्रकाशित भेल उम्मेद जे भविष्यमे केदारनाथ चौधरीजीपर केंद्रित एहि विशेषांक केर पोथी रूप सेहो आएत।

विदेह द्वारा 'जीबैत मुदा उपेक्षित' शृखंलामे प्रकाशित भेल आन विशेषांक सभहक लिस्ट एना अछि (एहिठाम जे अंकक लिस्ट देल गेल अछि ताहि अंकपर क्लिक करबै तँ ओ अंक खुजि जाएत)-

1) अरविन्द ठाकुर विशेषांक 189 म अंक 1 नवम्बर 2015 (ई विशेषांक 2020 मे पोथी रूपमे सेहो आएल अछि)
2)
जगदीश चन्द्र ठाकुर अनिल विशेषांक 191 म अंक 1 दिसम्बर 2015
3)
रामलोचन ठाकुर विशेषांक 319म अंक
4)
राजनन्दन लाल दास विशेषांक 333म अंक
5)
रवीन्द्र नाथ ठाकुर विशेषांक 15 जून 2022

 

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