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वि दे ह 

प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका

मानुषीमिह संस्कृताम्

ISSN 2229-547X VIDEHA

विदेह नूतन अंक 

विदेह

 

मैथिली साहित्य आन्दोलन

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ज्ञानवर्द्धन कंठ

२ टा बीहनि कथा

भोल्टेज

       आइ हेड मास्सैब लग बिजली बाबू खेखनियाँ काटि रहल छथि-ओ मास्सैब ओ मास्सैब!हमरा बौआकेँ एगो साटीफीटी बना देल जाउ हाली सनी।हम त' बर्बाद हो गेली ओ मास्सैब! 

मास्सैब पुछलथिन- की भे गेल?काहे ला कछमछा रहल हती?की करम सर्टिफिकेट ले के?कहिया नाउँ लिखेले रही बौआके?कहिया पास केले रहय?कोन साल?कोन किलास?

बिजली बाबू कहलथिन-से की जाने गेली ओ मास्सैब!हम कोनो पढ़ल-लिखल हती?पान-सात साल पहिले के रजिस्टरमे खोजू न!

मास्सैब-की नाम हय बचबा के?कहिया के जनम हय?कुछ त' बोलू! 

बिजली बाबू- नाउँ त' हइ भोल्टेज!भिनुसरबामे भुइकम्प न भेल रहे,ओही रात ओकर जनम भेल रहे।हमनी सभ्भे दूरा पर रही।बिजली-लाइट एकदम्मे डीम रहे।पोल परके बौल टिमटिमा रहल रहे।तभिये जोर से भोल्टेज अलै आ मंगुराहाबाली आ के बोल गेलै-बिजली बौआके बेटा भेलै ह'!  रामानंदी बाबा हँसे लगलथिन।कहलथिन-बिजली के बेटा भेलै ह' आ अबते भोल्टेज आ गेलै।एकर नाउँ हम 'भोल्टेज' राख देलियै।कथी कहू मास्सैब?सगरे गाउँ ओकरा भोल्टेज-भोल्टेज लगलै कहे।उहे नाउँ इस्कूलोमे लिखा देलियै।तहिया परमेसर बाबू मास्सैब रहथिन।कहलथिन-नाउँ बदल दै हतियौ, मगर हमहीं न बदले देलियै।की जाने गेलियै जे ई भोल्टेजबा हमरे फ्यूज उड़ा देत?देखू न मास्सैब!बेल कराबे के हय।मधेपुरा-जेहलमे बन्न केले हय ओकरा।

मास्सैब रजिस्टर उनटाब' लगलाह आ संगे-संग पूछ-ताछ सेहो कर' लगलाह- कोन अपराधमे जेहलमे बन्न क' देलै ह'? 

बिजली बाबू- अपराध कथी कहबइ ओ मास्सैब?इहाँ त' घर-घर ऊहे रोजगार हय।एक के दारू तीनमे बिलैक हो जाइ हय।उपरका परसेंट आ थाना-पुलिस काट-कूटके दोबरी नफा हो जाइ हइ।बूझ लू जे पूरा पेलवारे मूड़ी पर उठेले हय हमर भोल्टेज।ओकरे से रौनक पसरल हय हमनीके।

मास्सैब रजिस्टर बंद क' गुम भ' गेलथिन।

बिजली बाबू- कैला गुम्मी लाध लेली मास्सैब?अठारह से जादे उमेर हो गेलै ह' की?काम बनेबला न हइ कादो?अरे बाप!तब त' बेल न देतै ओकरा।की होतै हो भगमान?मास्सैब बाजि उठलाह-बिजली बाबू!अहाँ लेखा बिजली जाले समाजमे अइसन भोल्टेजसे रौशनी करैत रहत,ताले समाजके फ्यूज आ फेज उड़ते रहतै।हम सरकार रहती त' पहिले अइसन बिजलीएके तार काट देती।

'नीक' आ 'बड़ा नीक'

      एकटा रहय 'नीक' आ एकटा रहय 'बड़ा नीक'।'नीक' एक पन्ना पढ़य,त' 'बड़ा नीक' दू पन्ना।'नीक' दू करीन पानि पटाबय, तँ 'बड़ा नीक' चारि करीन।'नीक' सोझे कॉलेज पास केलक,त' 'बड़ा नीक' फर्स्ट डिवीजनसँ।पैघ भ' क' दूनू बनि गेल नेता। ठाढ़ होइ गेल चुनावमे। 'नीक' रहय 'ईर पार्टी'मे, त' 'बड़ा नीक' रहय 'बीर पार्टी'मे।'नीक' बाजल- हम नीक, त' 'बड़ा नीक' बाजल- हम बड़ा नीक।एक कहलक- एकमहला देबौ,त' दोसर गछलक- दुमहला देबौ।'नीक'केँ भोट एलै चौबन हजार,त' 'बड़ा नीक'केँ एलै पचपन हजार।मुदा 'ईर पार्टी' जीति गेल,'बीर पार्टी' हारि गेल।'नीक' बनि गेल मंत्री,त' 'बड़ा नीक' बनल ने मंत्री, ने संतरी।केओ कहलक 'नीक' नहि भेल,त' केओ कहलक- बड़ा नीक भेल।जनता जोहै अछि दुमहला।नहि बनलै एकमहला।'नीक' कहलकै- हरलाहाकेँ कोन लाज?'बड़ा नीक' कहलकैक- जितलाहाकेँ भेटलैक कि कोनो राज?सभ अपन-अपन करू ग' काज!खिस्सा खतम, पैसा हजम!

 

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