
जगदानन्द झा "मनु"
२५ टा हाइकू
पच्चीसटा हाइकू
1
माघक भोर
कटोरी लेने ठाढ़
नव आशमे
2
भोरका रौद
सेरसो खेतपर
चानी लगैत
3
जेठक भोरे
लाल आगि फेकैत
सूरूज देव
4
गंगा नहा क
भोरे भोर सुरुज
चमैक गेला
5
साँझक सूर्य
लाल जोड़ा पहिन
कतय गेला
6
रैबक छुट्टी
किएक नै होइ छै
सूर्य देवकेँ
7
थाकल सूर्य
निचैनसँ सुतला
साँझ होइते
8
हमरा लेल
कखनो नै थकला
हमर पिता
9
सभ देलनि
कामधेनु बाबूजी
एक बाकमे
10
सभ कष्टके
बाबूजी हरलनि
साक्षात देव
11
गेलाक बादो
बाबूजीक सिनेह
भेट रहल
12
सुन्नर यादि
मोनमे बंद अछि
बाबूजी केर
13
जीबैत नहि
करेजसँ लगलौं
बाबूजी केर
14
बाबूजी लेल
कते मोन बेकल
आँखि झहरै
15
यम लगै छै
अनाथ निर्दोषकेँ
उज्जर कोट
16
बनल अछि
सब कठपुतली
मालिक लग
17
मृत्युए सत्य
बाँकी सब झूठक
संबंध अछि
18
देहसँ प्राण
छनमे चलि गेल
बुझि नै पेलौं
19
डर नै दर्द
आँखि सब देखैत
निष्प्राण देह
20
लाखो जीवन
देशक बँटवारा
खा क भूखल
21
देशक बाप
कोना कियो बनल
किछु बुझलौं
22
हजारो हक
महान बनै लेल
घोंटि लेलकै
23
नेताजी नहि
नेता बनि सकला
अछैते देश
24
ताकै छी हम
झूठक शहरमे
सत्यक बीया
25
नम्हर राति
नहि बितरहल
पिया अछैते
-जगदानन्द झा मनु, मो० न० +९१ ९२१२-४६-१००६
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