
जगदानन्द झा ‘मनु’
बीस टा हाइकू
1
छलिया प्रेमी
संगे लेने चलै छै
सेनुर डिब्बी
2
नै बुझलनि
हमर प्रेम किए
निर्मोही पिया
3
देह हमर
ई प्राण पिया केर
हमरा लग
4
प्रेमक आगि
बारल करेजमे
निर्मोहीयाक
5
बाबूजीक ई
देहेटा रहिगेल
हमरा लग
6
मोनक भाव
कागदपर नेने
प्रेमपत्रमे
7
सगर राति
मुँह नुका कानै छी
पियाक यादे
8
जीतक शर्त
हारब छै प्रेममे
बुझिते राजा
9
बिन जोड़न
दही नै जनमतै
ठीके सोचलौं
10
बाहर ताकि
जीवन हारलहुँ
ओ तँ मनमे
11
माँझ रातिमे
गरीबक झोपड़ी
सगरो चूबै
12
रोपनी दौनी
खूब झूठक खेती
नीक लोकमे
13
साँपक डरे
गाम घर छोड़ब
कहिया धरि
14
जीवन नहि
बिन राक्षस दाँत
तोड़ने आब
15
जीवन युद्ध
अपने केने जीव
राम नै औता
16
घूरक आगि
प्राण बचबै छैक
जाड़ मासमे
17
नून तेलमे
गरीबक जीवन
ओझरायल
18
पुषक जाड़
शोणित जमेलकै
गरीबेटाकेँ
19
गरमी जाड़
गरीबक आफत
धनीक मौज
20
ताड़ीक निशा
रुपैयाक घमंड
दुनू आन्हरे
-जगदानन्द झा ‘मनु’, मो० न० ९२१२-४६-१००६
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