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प्रणव कुमार झा

चिकित्सा शिक्षा एवं सेवाक नव क्षितिज: NBEMS द्वारा 'AI in Medical Education' पाठ्यक्रमक शुभारंभ

पिछला 1-2 वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम(phenomena) जे वैश्विक स्तर पर लोक सबहक दैनिक जीवन, आर्थिक, अकादमिक आ पेशेवर जीवन के प्रभावित कऽ रहल अछि मे से एकटा अछि कृत्रिम प्रज्ञा (AI) के क्षेत्र मे नित नव प्रगति आ वैश्विक स्तर पर जीवन केर हरेक क्षेत्र मे एकर उयपयोग। लोक सब अपन मनोरंजन, जिज्ञासा, लोक के बुरबक बनाबाय से लऽ कऽ अलग अलग पेशा मे लागल लोक अपन पेशेवर क्षमता के विकास मे एकर प्रयोग कऽ रहल छथि। विभिन्न माध्यम से लोक एक दूसरा से सीख - सीखा रहल छथि आ आगा बढि रहल छथि। मुदा जीवन के विभिन्न क्षेत्र मे एकर बेहतर आ पेशेवर प्रयोग के लेल ओहि क्षेत्र मे ज्ञान आ अनुभव, बेहतर प्रोम्प्टिंग तकनीकी, नैतिक दृष्टिकोण, डाटा सुरक्षा, आ कानूनी पहलू आदि के जनतब भेनाई सेहो बड्ड आवश्यक अछि।

स्वास्थ्य आ चिकित्सा क्षेत्र सेहो एहि प्रगति से अछूत नै रहल अछि आ वैश्विक स्तर पर ऐ क्षेत्र मे AI तकनीक के उपयोग चिकित्सा आ स्वास्थ्य देखभाल के बेसी सुगम, सटीक आ सुलभ बनाबय लेल भऽ रहल अछि।

आजुक स्वास्थ्य सेवा आ चिकित्सा शिक्षा के अहि युग मे इलेक्ट्रॉनिक्स, बिग डेटा, ऑटोमेटेड डाइग्नोस्टिक्स सऽ लऽ कऽ क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट तक अनेक क्षेत्र मे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग तेजी सऽ बढ़ल अछि। ई तकनीक चिकित्साकर्मी सभक सोच, निर्णय, सुरक्षा आ शिक्षा के एक नव पक्ष प्रदान कऽ रहल अछि  जाहि सऽ मरीजक देखभाल और स्वास्थ्य परिणाम बेहतर बनाओल जा सकय।

 

चिकित्सक लोक के AI के आधारभूत सिद्धान्त, उपयोगिता, आ नैतिक विचार सभक विषय मे ज्ञान प्राप्त करबाक आवश्यकता अछि विशेषकर भारत जेहन विशाल स्वास्थ्य प्रणाली मे दक्षता आ सर्वसुलभता के बढ़ावा देबय लेल।

भारतक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रमे कृत्रिम प्रज्ञा (AI) क प्रयोगकें बढ़ावा देबाक लेल एकटा अत्यंत महत्वपूर्ण डेग उठाओल गेल अछि। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकारक अधीन आयुर्विज्ञान राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBEMS) द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्मक माध्यम सँ "Artificial Intelligence (AI) in Medical Education: Vikasit Arogya Bharat" नामक एकटा नि:शुल्क ऑनलाइन कार्यक्रमक शुभारंभ 21 जनवरी 2026 से कएल गेल अछि। एहि कोर्स के पोर्टल आ रजिस्ट्रेशन के शुभारंभ 21 दिसंबर 2025 के कैल गेल छल।

ई कार्यक्रम मुख्य रूप सँ स्नातकोत्तर (PG) चिकित्सक, संकाय सदस्य (Faculty) आ अन्य स्वास्थ्य पेशेवर सभक लेल तैयार कएल गेल अछि, जे आधिकारिक तौर पर 21 जनवरी 2026 सँ शुरू भऽ कऽ 6 मास धरि चलत। एहि कार्यक्रमक मुख्य उद्देश्य चिकित्सक सभकें एआई (AI) क सुरक्षित, नैतिक आ प्रभावी प्रयोगक शिक्षा प्रदान कएनाइ अछि, जाहि सँ ओ सब अपन 'क्लिनिकल प्रैक्टिस', चिकित्सा शिक्षा आ स्वास्थ्य प्रणालीमे एआई केर भरपूर लाभ उठा सकथि।

National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) भारत सरकारक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालयक अधीन एक स्वायत्त निकाय अछि। ई बोर्ड डॉक्टर, प्रशिक्षु और चिकित्सीय विशेषज्ञ सभक परीक्षा, शिक्षा, प्रमाणन आ गुणवत्ता सुनिश्चित करबाक कार्य करैत अछि। एहि संस्थाक महत्वपूर्ण भूमिका अछि:

·     डाक्टरी डिग्री डीएनबी/DrNB/एफ़एनबी कार्यक्रम सभक परीक्षा और मानकीकरण

·     नीट-पीजी/नीट-एमडीएस/नीट-एसएस/एफ़एमजीई/MRE/DRE सन  राष्ट्रीय आ अंतरराष्ट्रीय चिकित्सक परीक्षा सभक  आयोजन

·     चिकित्सीय शिक्षा मे सुधार

·     उन्नत प्रशिक्षण और अध्यापन मापदंड विकसित करब

AI इन मेडिकल एजुकेशन कोर्स सेहो एहि मिशनक एकटा भाग अछि जाहि सऽ आधुनिक चिकित्सीय शिक्षा मे तकनीकी दक्षता आ नैतिकता एक संग आगा बढ़य। ई पाठ्यक्रम मुख्य रूप सँ चिकित्सा क्षेत्रक पेशेवर सभकें एआई (AI) केर व्यावहारिक ज्ञान सँ परिचित करेबाक लेल अछि। एकर मुख्य उद्देश्य निम्न अछि:

·     तकनीकी साक्षरता: डॉक्टर सभकें एआई केर मूल सिद्धांत आ चिकित्सा विज्ञानमे एकर उपयोगिता बुझाएब।

·     नैतिक दृष्टिकोण (Ethics): चिकित्सा क्षेत्रमे एआई केर प्रयोग काल डेटा गोपनीयता आ नैतिक मापदंडक रक्षा कएनाइ।

·     निर्णय क्षमता (Decision Making): नैदानिक (Clinical) निर्णय लेबाक प्रक्रियामे एआई कें एकटा सहायक उपकरणक रूपमे अपनाएब।

·     स्वदेशी समाधान: भारतीय स्वास्थ्य ढाँचाक अनुकूल एआई समाधान विकसित करबाक लेल प्रेरित कएनाइ।

ई पाठ्यक्रम अत्यंत सुविचारित आ व्यवस्थित बनाओल गेल अछि। एकरा 20 मॉड्यूल मे विभाजित कएल गेल अछि, जाहिमे प्रत्येक मॉड्यूल मे 40 सँ 50 मिनट धरि के लाइव ऑनलाइन क्लास होयत जे मुख्यतः साप्ताहिक रूप से प्रत्येक बुधवार दुपहर 4 बजे से निर्धारित अछि। जाहि मे मुख्य व्याख्याता के व्याख्यान के बाद मोडरेटर द्वारा प्रशिक्षण से जुडल पेशेवर सभक उपयोगी प्रश्न के उठा कऽ ओकर उत्तर देबाक फॉर्मेट छैक।  एकर मुख्य उद्देश्य चिकित्सक सभकें 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) क मूल सिद्धांत सँ परिचित करेबाक अछि, जाहि मे कोनो गहन गणितीय सूत्र या जटिल प्रोग्रामिंग ज्ञानक आवश्यकता नहि पड़त। ई पाठ्यक्रम एआई कें चिकित्सा क्षेत्रमे एकटा 'सहायक' (Augmentation) क रूपमे प्रस्तुत करैत अछि, नहि कि मानव मेधाक विकल्पक रूपमे। पाठ्यक्रम के प्रमुख मॉड्यूल निम्नलिखित अछि:

·     चिकित्सक सभक लेल एआई क परिचय: स्वास्थ्य सेवामे एआई क अवधारणा, स्वचालन (Automation) आ एआई मे अंतर, आ भविष्यवाणिक तुलनामे निर्णय प्रक्रियाक समझ।

·     बायोस्टैटिस्टिक्स सँ एआई धरि: जैव-सांख्यिकी सँ एआई धरि पहुँचबाक मार्ग, जाहिमे रिग्रेशन सँ लऽ कऽ 'डीप लर्निंग' धरि चर्चा अछि।

·     क्लिनिकल डेटा आ सही प्रश्नक चुनाव: सही प्रश्न पूछबाक कला, संरचित-असंरचित डेटा क समझ, 'गार्बेज इन-गार्बेज आउट' क अवधारणा।

·     असंरचित आ त्रुटिपूर्ण डेटा: डेटाक कमी सँ उत्पन्न समस्या आ दस्तावेजीकरण मे पूर्वाग्रह।

·     मशीन लर्निंगक मूल सिद्धांत: एमएल (ML) क आधारभूत अवधारणा, ओवरफिटिंग आ अंडरफिटिंगक समस्या।

·     चिकित्सामे डीप लर्निंग: सीएनएन (CNN), एनएलपी (NLP) आ ट्रांसफॉर्मर आदि क चिकित्सा क्षेत्रमे उपयोगिता।

·     पूर्वाग्रह आ निष्पक्षता: स्वास्थ्य सेवा एआई मे व्याप्त पूर्वाग्रह, एल्गोरिथमिक निष्पक्षता आ नैतिकता।

·     एआई क नैतिकता: मरीजक सहमति, पारदर्शिता आ मानवीय गरिमाक रक्षा।

·     साइबर सुरक्षा आ डेटा गोपनीयता: साइबर जोखिम, डेटा सुरक्षा आ डीपीडीपी (DPDP) एक्टक महत्व।

·     एआई टीमक निर्माण आ संचालन: नैदानिक एआई टीमक गठन आ ओकर शासन-प्रशासन।

एहि पाठ्यक्रमक लक्ष्य 50000 चिकित्सक सभकें (15000 प्रशिक्षक आ 35000 प्रशिक्षु) प्रशिक्षित कएनाइ अछि, जाहि सँ ओ भारतीय परिवेशक अनुकूल एआई समाधानक सह-निर्माता बनि सकथि। ई कार्यक्रम एआई कें भारतीय स्वास्थ्य सेवाक मौलिक चुनौती (जाहिमे ग्रामीण पहुँच आ संसाधनक अभाव शामिल अछि) सँ जोड़ैत अछि। एखन धरि पाठ्यक्रम के लेल 52000 से बेसी मेडिकल आ मेडिकल एलाइड प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन करा चुकल छथि। भारतक कोना-कोना सँ डॉक्टर सभ एहिमे जुड़ल छथि, जे ई दर्शाबैत अछि जे एआई आब केवल महानगर धरि सीमित नहि अछि। यद्यपि पहिल लाइव मॉड्यूल  21 जनवरी के भेल छल आ दोसर 28 जनवरी के निर्धारित अछि, तथापि देशक विभिन्न कोना से चिकित्सक आ अस्पताल आ मेडिकल संस्थान सभक अनुरोध पर 31 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन खुजल राखल गेल अछि जे एनबीईएमएस के निर्णय से आगा सेहो बढ़ाओल जा सकय अछि। पहिल लाइव मॉड्यूल मे 22 हजार से बेसी पेशेवर औपचारिक रूप से हाजिरी बना के लाइव सेशन मे उपस्थित रहल छलाह।

संकाय (Faculty) आ वैश्विक सहयोग: एहि पाठ्यक्रमक सभ सँ पैघ विशेषता एकर विश्वस्तरीय विशेषज्ञ संकाय अछि। एहिमे मेयो क्लिनिक, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईएम लखनऊ, जीई हेल्थकेयर आ माइक्रोसॉफ्ट इंडिया जेहन प्रतिष्ठित संस्थानक दिग्गज सब शामिल छथि। प्रमुख विशेषज्ञक रूपमे पद्म विभूषण डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी (एआईजी हॉस्पिटल्स) आ डॉ. रसेल फ्रैंको डिसूजा (यूनेस्को चेयर इन बायोएथिक्स) जेहन व्यक्तित्वक सहभागिता अछि। ई अंतरराष्ट्रीय सहयोग भारत कें वैश्विक एआई स्वास्थ्य ज्ञानक मुख्यधारा सँ जोड़ैत अछि।

कार्यक्रमक प्रभाव:

  • तकनीकी साक्षरता: एहि कार्यक्रम द्वारा भारत के कोना कोना मे कार्यरत आ प्रशिक्षण लऽ रहल चिकित्सक सभकें वृहत्त स्तर(mass level) पर एआई-साक्षर बनेबाक प्रयास अछि , जाहि सँ ओ तकनीकक आलोचनात्मक आ विवेकपूर्ण प्रयोग कऽ सकथि।
  • नैतिक प्रयोग: भारतीय चिकित्सक सभ मे पूर्वाग्रह मुक्त एआई उपयोग आ गोपनीयता सुनिश्चित करब सेहो एहि कार्यक्रम के प्रभावी उद्देश्य अछि।
  • भारत-केंद्रित समाधान: ग्रामीण स्वास्थ्य आ सीमित संसाधनक स्थिति मे एआई क उपयोगिता द्वारा चिकित्सा सेवा के बेसी सऽ बेसी दक्षतापूर्ण आ सर्वसुलभ बनाएब।
  • विशाल नेटवर्क: 50000 से बेसी चिकित्सक आ मेडिकल एलाइड साइंस मे कार्यरत पेशेवर के नेटवर्क एहि नवाचार आ प्रशिक्षण से भविष्यक नैदानिक सेवा आ नीति निर्माणमे सहायक होयताह एहन उम्मीद कैल जा रहल अछि।
  • सर्वसुलभ: नि:शुल्क भेला सँ ई प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्येक स्तरक चिकित्सक आ मेडिकल एलाइड प्रोफेशन जे जुडल लोक धरि पहुँच रहल अछि।

NBEMS द्वारा प्रारम्भ कैल गेल “AI for Medical Professionals / AI in Medical Education” कार्यक्रमक संग जुड़बाक प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन, सरल आ पारदर्शी अछि। इच्छुक चिकित्सीय पेशेवर सभ केँ कोर्स सम्बन्धी आधिकारिक सूचना, समय-सारिणी, दिशानिर्देश आ अपडेट लेल NBEMS AI in Medical Education Portal पर जाए के चाही। ई कोर्सक मुख्य डिजिटल द्वार छी। पोर्टल https://natboard.edu.in/Sangam/index  पृष्ठ पर कार्यक्रमक उद्देश्य, सत्र-आधारित संरचना, आवश्यक निर्देश, पाठ्यक्रमक रूपरेखा तथा जरूरी दस्तावेज सभ उपलब्ध अछि। पंजीकरण के समय प्रतिभागी केँ अपन मूल विवरण भरि कऽ सहमति देबऽ पड़ैत अछि आ NMC/SMC पंजीकरण विवरण (Registration Number) प्रस्तुत करब होइत अछि, जाहि सँ चिकित्सीय पात्रता के सत्यापन संभव होय। सफल पंजीकरणक बाद प्रतिभागी केँ पोर्टल/लिंकक माध्यम सँ लाइव ऑनलाइन सत्र मे सम्मिलित होयबाक अधिकार भेटय अछि, आ कोर्स सम्बन्धी सूचना, सामग्री, सत्र लिंक तथा आवश्यक अपडेट नियमित रूप सँ ओही आधिकारिक मंच पर उपलब्ध कराओल जाइत अछि। जे लोक कोर्स शुरू करबा सँ पहिने विषय-विस्तार बुझय चाहैत छथि, हुनका लेल पाठ्यक्रमक आधिकारिक PDF “AI in Medical Education – Curriculum Design” पोर्टल पर उपलब्ध अछि, जे कोर्सक दायरा, मॉड्यूल-वार विषय तथा सीखबाक लक्ष्य केँ स्पष्ट करैत अछि। कोर्सक अंत मे NBEMS द्वारा निर्धारित मापदंड (जेना लाइव सत्र सभ मे न्यूनतम 75% आवश्यक उपस्थिति आदि) पूरा करय पर प्रतिभागी केँ डिजिटल Course Completion Certificate सेहो प्रदान करबाक योजना अछि। जे लोक कोर्स के लेल रजिस्ट्रेशन नै करा सकलाह आ किन्तु कोर्स के शिक्षण सामाग्री के देखय चाहय छथि सेहो कोर्स के ओफिशियल यूट्यूब चैनल के माध्यम से लाइव या रिकोर्डेड सत्र देख सकय छथि।

21 जनवरी 2026 के कर्तव्य भवन नई दिल्ली मे AI in Medical Education ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमक उद्घाटन समारोह केंद्रीय स्वास्थ्य आ परिवार कल्याण राज्य मंत्री, श्रीमती अनुप्रिया पटेल द्वारा संपन्न कएल गेल। एहि अवसर पर श्रीमती पटेल कार्यक्रमक उत्तरदायी, नैतिक आ व्यावहारिक उपयोग पर जोर दैत कहलकथि जे health care मे AI अब वैकल्पिक नहि, बल्कि आवश्यकता बनि गेल अछि। ई तकनीक डाक्टरक स्थान त नहि लऽ सकय अछि, मुदा हुनकर क्षमता केँ बढ़ा देत। ओ कहलनि जे "विकसित भारत" क संकल्पकें पूरा करबाक लेल स्वास्थ्य सेवामे तकनीकक समावेश अत्यंत आवश्यक अछि। मंत्री महोदया एनबीईएमएस (NBEMS) क सराहना करैत कहलनि जे ई पाठ्यक्रम भारतक 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' कें सुदृढ़ करत आ देशक सुदूर ग्रामीण क्षेत्र धरि विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श पहुँचाबय मे मदति करत। उद्घाटन सत्र मे NBEMSक अध्यक्ष डॉ. अभिजात सेठ, स्वास्थ्य सचिव तथा मंत्रालयक वरिष्ठ अधिकारी सभ सेहो उपस्थित छलाह, संगहि राष्ट्रीय आ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रक विशेषज्ञ सभ सेहो ऑनलाइन माध्यम सऽ जुड़ल रहथि।

आजुक डिजिटल युग मे इलाज के मात्र चिकित्सकीय नहि, अपितु नैतिकता, सामाजिक न्याय आ मानव-केंद्रितत भेनाई सेहो आवश्यक अछि आ नेशनल बोर्ड ऑफ़ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) द्वारा शुरु कैल गेल ई पहल, भारतक चिकित्सा क्षेत्रक भविष्य के सशक्त, संतुलित आ जिम्मेदार  बनेबाक एकटा राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कदम कहल जा सकय अछि।

 

-       [प्रणव कुमार झा, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड, नई दिल्ली ]

 

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