विदेह ४३० म अंक पर पाठकीय मन्तव्य
ग्रुप
कॅप्टन (डॉ) वी एन झा
आदरणीय गजेंद्र ठाकुर जी !
१. विदेह सम्पादन में बहुतों साल सँ अपनेक अति सराहनीय योगदान अछि आ हम
लोकनि अनेकों राज्य में मैथिली के ननधा रस-स्वाद चाखि रहल छी, ओहि लेल
समग्र मैथिल समाज सँ अपने केँ शत-शत नमन I
२. हम तँ बेशी लेख नैं पठौनें छी मुदा ई देखि रहल छी जे अधिकाँश लेख में
फॉर्मेटिंग में त्रुटि भ रहल अछि I Word Format में जतेक लेख पठौनें छी सब
में paragraph व line spacing रहै जे छापै में टूटि जेल अछि I सभु subtitle
bold में रहए जे छापए में नहिं आएल अछि I यहाँ तक कि फोटो सेहो बदलि गेल आ
ओकरा संग छोट परिचय, जे लेख के अंत में चलि गेल आ ओकरो फॉर्मेटिंग बिगड़ि
गेल अछि I पत्रिका में सभु लेख के formatting में यदि समानता राखल जाए तँ
बेहतर स्तर रहत I
३. हमर मंतव्य एक सुझाव मात्र थीक जाहि सँ विदेह संस्करण आकर्षक देखाइत I
सप्रेम नमस्कार
-Gp Capt (Dr) V N Jha,Bangalore
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